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HP बोर्ड: जांच में खुलासा, आंखें बंद कर ही चेक किए पेपर, दे दिया जीरो

Thu, 22 Jun 2017 12:16 PM IST
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की जांच में खुलासा हुआ है कि पेपर चेक करने वाले शिक्षकों ने आंखें बंद कर ही बच्चों को जीरो नंबर दे दिए हैं। पुनर्मूल्यांकन के बाद 12वीं कक्षा के ये बच्चे प्रथम श्रेणी में पास हो गए थे। शिक्षा बोर्ड ने माना कि बच्चों के पेपर शिक्षकों ने ढंग से चेक किए नहीं किए और बिना जांचे ही नंबर दे दिए हैं।
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बोर्ड ने जांच के बाद गलत मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों के नाम कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार और शिक्षा निदेशालय को भेज दिए हैं। अब उन पर कार्रवाई निदेशालय ही करेगा। गौरतलब है कि 12वीं की वार्षिक परीक्षा में हमीरपुर के दरब्यार और पौहंज स्कूल की पूरी कक्षाएं ही गणित विषय में फेल कर दी थीं।

बच्चों की ओर से आरटीआई से जानकारी लेने के बाद शिक्षा बोर्ड ने दोनों ही स्कूलों के सभी विद्यार्थियों को पास घोषित कर दिया था। अब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जांच पूरी कर ली है। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।  मामले में बोर्ड ने उच्चाधिकारियों की देखरेख में जांच कमेटी बनाई थी। टीम ने सभी पहलुओं को खंगालने के बाद रिपोर्ट बोर्ड सचिव और अध्यक्ष को सौंप दी है। 
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विद्यार्थियों ने आरटीआई को बनाया हथियार

शुभकरण सिंह, सचिव, प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला
स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च में दसवीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं लीं। 24 अप्रैल को 12वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित किया। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दरब्यार और पौहंज की गणित विषय की पूरी क्लास फेल हो गई।

दरब्यार स्कूल से छात्र शिवम ने जेईई मेन की परीक्षा पास की है। छात्रों को संदेह हुआ तो उन्होंने आरटीआई के जरिये उत्तर पुस्तिकाओं की री-चेकिंग को आवेदन किया। इसके बाद सभी छह विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में पास हो गए। पौहंज स्कूल ने भी आरटीआई से आवेदन किया तो यहां भी पूरी क्लास पास हो गई थी। 

वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में गठित टीम ने हमीरपुर के दो स्कूलों की पूरी क्लास को गणित विषय में फेल करने के मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग करने वाले अध्यापकों की लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट सरकार और शिक्षा विभाग के निदेशक को भेजी है। दोषी अध्यापकों पर कार्रवाई करने का अधिकार क्षेत्र सरकार और विभाग का है। -शुभकरण सिंह, सचिव, प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला
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