उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि सरकार ने उद्यमिता की सुविधा के लिए यानी इज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार किया है। इसके तहत हिमाचल देश में 7वें स्थान पर है। प्रदेश को इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत सुधारों की अपनी यात्रा में असाधारण प्रदर्शन के कारण देश में अग्रणी माना गया है। वर्ष 2017-18 में 65.48 प्रतिशत और वर्ष 2019 में 94.13 प्रतिशत की दर प्राप्त कर इज ऑफ डूइंग बिजनेस में तीव्रता से बढ़ने वाले राज्य के रूप में प्रदेश ने अपनी पहचान बनाई है।
हिमाचल प्रदेश मुजारियत और भू-सुधार अधिनियम की धारा-118 के तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया है। राज्य स्तरीय एकल खिड़की की मंजूरी से भी प्रदेश में निवेशकों के लिए सुविधाजनक बनाया है। हिमाचल पर्यटन नीति-2019, आईटी नीति, आयुष्मान नीति और फिल्म नीति-2019 बनाई गई है। हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2019 बनाई है। कहा कि शिक्षित युवाओं को रोजगार तलाशने की जगह रोजगार देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना शुरू की गई है। अब तक, राज्य में इस योजना से 1,69,52,648 रुपये की लागत से लगभग 100 लोग लाभान्वित हुए हैं। वर्ष 2019 में राइजिंग हिमाचल-ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया, जिसमें लगभग 96,721 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 703 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। सरकार ने अब सरकार के तीन साल पूर्ण होने पर एक और ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित करने का लक्ष्य रखा है।