राज परिवार की गलतफहमी दूर करने का समय आया : जयराम
नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज परिवार के लोग कहते हैं कि मंडी संसदीय क्षेत्र हमारा है और यह सीट हमारी है तो इस गलतफहमी को दूर करने का समय नजदीक आ गया है। वहीं, उन्होंने विक्रमादित्य सिंह पर भी तंज कसा। पूर्व सीएम ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह लोकसभा चुनाव लड़ें, उनका स्वागत है। मगर एक बार सोच लें, यह कोई साजिश तो नहीं है। मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र के चैलचौक में शनिवार को जनसभा को संबोधित करते हुए जयराम ने कहा कि हिमाचल में सरकार है ही नहीं। राज्यसभा चुनाव के साथ ही सरकार गिर गई है। उन्होंने सुक्खू सरकार पर आरोप लगाया कि आपदा में केंद्र से मिले 1800 करोड़ चहेतों को बांटे, लेकिन जिनके घर, जमीन और बगीचे चले गए, उन्हें कुछ मिला ही नहीं।
भीड़ के बीच अचानक गिर पड़े जयराम
कहा कि आपदा में सरकार ने पैसा बांटा, वह जांच का विषय है। पूर्व सीएम ने कहा कि आपदा के समय वह ट्रैक्टर पर बैठकर प्रभावित लोगों के घर द्वार हाल जानने गए। मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी शिमला से आ रहे हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी का घर मंडी और मनाली में है। चैलचौक में भाजपा प्रत्याशी कंगना के साथ पैदल चलते हुए भीड़ के बीच अचानक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर रेत पर फिसलकर गिर पड़े। हालांकि सुरक्षा कर्मियों और अन्यों ने उन्हें तुरंत उठाया। उनके गिरने से अचानक सभी रुक गए और उनका हालचाल पूछने लगे। वहीं, भीड़ के चलते कंगना की सुरक्षा भी बेहद सख्त रही। हालात यह रहे कि स्थानीय विधायक विनोद कुमार को भी सुरक्षा कर्मियों ने साथ चलने से रोक दिया।
जबकि राज्य सरकार ने मंडी जिला के एक हजार से अधिक रिटायर्ड कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दे दिया है। जिले में काम कर रहे 22 हजार से अधिक कर्मचारियों को ओपीएस के दायरे में लाकर उनका भविष्य सुरक्षित किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जयराम ठाकुर अपने तथ्य भी ठीक करें और भाजपा प्रत्याशी का ज्ञानवर्धन भी करें। चंद्रशेखर ने कहा कि अगर पुरानी पेंशन को लागू करने का फैसला भाजपा का है, तो राजस्थान में भाजपा सरकार बनते ही कांग्रेस सरकार के समय दी गई पुरानी पेंशन को दोबारा बंद क्यों कर दिया गया है। सीएम रहते हुए जयराम ने अपने कार्यकाल के दौरान पुरानी पेंशन मांगने पर कर्मचारियों को चुनाव लड़ने की चुनौती दी। हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारी जयराम ठाकुर की उन अपमानजनक बातों को भूले नहीं हैं।