पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा फर्जीवाड़े का दूसरा मुख्य आरोपी खुद भी खाकी पहनने का चाहवान था। इसी के चलते वह बिक्रम के संपर्क में आया था, लेकिन किसी कारणवश वह खाकी नहीं पहन सका था। इसके बाद उसने क्षेत्र के ही अन्य युवाओं को बिक्रम की सहायता से भर्ती करवाने के लिए संपर्क करवाने का कार्य शुरू कर दिया।
यह खुलासा पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन के पास सरेंडर करने वाले पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े के दूसरे मुख्य आरोपी केतन चौधरी ने किया है। गौर रहे कि 11 अगस्त, 2019 को हुए पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा फर्जीवाड़े में अब तक 36 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इनमें फर्जीवाड़े के दो मुख्य आरोपियों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
फर्जीवाड़े के आरोपियों में मुख्य आरोपी माने जा रहे बिक्रम चौधरी ने दिसंबर में सरेंडर किया था। बिक्रम ने पुलिस पूछताछ में कई लोगों के नाम उगले थे, जिन्हें उसने फर्जी तरीके से भर्ती करवाने में मदद की थी। बिक्रम ने बताया था कि उसने नौ पुलिस जवानों सहित एचआरटीसी की कंडक्टर भर्ती और जेल वार्डर की भर्ती की लिखित परीक्षा फर्जी तरीके से पास करवाई थी।
बिक्रम की गिरफ्तारी के बाद 25 जनवरी को दूसरे मुख्य आरोपी केतन चौधरी ने भी एसपी कांगड़ा के समक्ष सरेंडर किया था। माना जा रहा है कि फर्जीवाड़े के दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब और भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।