शिकायत के अनुसार कंपनी ने व्यावसायिक कारणों से प्रस्ताव मंजूर नहीं किया। इसके बाद 28 और 29 जुलाई को आरोपी ने कथित रूप से कंपनी अधिकारियों को धमकी दी कि यदि ठेका नहीं मिला तो कंपनी के वाहनों को रोका जाएगा, परिवहन कार्य बाधित किया जाएगा और कर्मचारियों और चालकों के साथ मारपीट की जाएगी। इसके कुछ ही घंटों के बाद डिप्टी जनरल मैनेजर के मोबाइल पर कनाडा के नंबर से कई व्हाट्सएप कॉल आईं। शिकायत के मुताबिक एक कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को डोनी बल बताते हुए किसी अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर से जुड़े होने का दावा किया और ट्रांसपोर्ट प्रस्ताव तुरंत मंजूर कराने का दबाव बनाया। कॉलर ने कथित तौर पर अधिकारी और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। इसी नंबर से 29 जुलाई को भी कई बार व्हाट्सएप कॉल की गईं, जिनका रिकॉर्ड उपलब्ध है। कंपनी ने मामले को कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए जांच की मांग की। सीआईडी ने शिकायत के आधार पर लखविंदर सिंह सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(4), 351(3) और 61(2) के तहत मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।