हिमाचल में पंचायतों की संख्या 3758 है। इन पंचायतों में तीन चरणों में चुनाव होने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए प्रारंभिक रूपरेखा तैयार कर ली है। मतदान केंद्रों की पहचान, कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
प्रदेश में लगभग 65 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें बड़ी संख्या में युवा और महिला मतदाता शामिल हैं, जिनकी भूमिका चुनाव परिणामों में अहम मानी जा रही है। ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने वाले इन चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने बताया कि सभी तैयारियां तय समयसीमा के भीतर पूरी की जा रही हैं। मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इसके तुरंत बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा।
पंचायत चुनाव में 20 हजार नए वोटर बढ़ने की संभावनाहिमाचल में 20 हजार नए वोटर बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में मतदाताओं का आंकड़ा 55.39 लाख तक पहुंच सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर से पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की जांच-पड़ताल का कार्य तेजी से जारी है। जिन आवेदनों में त्रुटियां पाई जा रही हैं, उन्हें सुधारने के लिए संबंधित आवेदकों से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा मृतकों और स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाने की प्रक्रिया अपनाई गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 24 और 27 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।