वकील को गिरफ्तार करने के मामले का वीडियो वायरल हुआ है। 45 सेकेंड के वीडियो में वकील और महिला थाना प्रभारी के बीच कहासुनी हो रही है। वीडियो 15 नवंबर को रात को हुई घटना का बताया जा रहा है। हालांकि पूरे मामले को लेकर जहां बार एसोसिएशन कुल्लू वकील के पक्ष में उतर कर पुलिस के कामकाज पर सवाल उठा रही है, वहीं पुलिस भी वकील पर महिला पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा रही है।
अब पांच दिन बाद इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। इसमें वकील और कांग्रेस महासचिव पुलिस थाना प्रभारी को कह रहे हैं कि वह सहयोग कर रहे हैं, लेकिन तुम उन्हें कॉपरेट नहीं कर रहे हैं। एडवोकेट चुनेश्वर ठाकुर ने कहा कि उनके खिलाफ पुलिस ने झूठे केस बनाए हैं। एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वकील का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड, विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
15 नवंबर की रात को महिला पुलिस थाना प्रभारी से दुर्व्यवहार के आरोप में वकील का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने गुरुद्वारा के पास लगाए गए नाके के दौरान वकील को पकड़ा था। पुलिस ने इसका चालान किया था। चालान को कोर्ट में पेश किया। जिस पर सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी के निर्देशानुसार चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि वकील का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है।
इधर, पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए वकील और कांग्रेस जिला महासचिव का मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है। ढालपुर में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने वकील के पक्ष में उतर कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने ढालपुर स्थित अपने कार्यालय से विरोध रैली निकाली और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने ड्रोन के जरिये नजर रखी।