फोरलेन में शिमला से हीरानगर के बीच तीन सुरंग बनेंगी। इनकी लंबाई 1800, 600 और 400 मीटर होगी। इनके निर्माण से फोरलेन की जद में आने वाले पहाड़ों को कम नुकसान होगा।
शिमला-मटौर फोरलेन का निर्माण दोनों छोर से शुरू होगा। शिमला से हीरानगर के बीच तीन सुरंगें बनेंगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) पैकेज 5 बी के टेंडर के बाद अब पैकेज 1 शिमला से शालाघाट तक की टेंडर प्रक्रिया में तेजी ला रहा है। इस पैकेज के निर्माण का मामला दिल्ली में अप्रूवल कमेटी के पास पहुंच गया है। इसकी स्वीकृति के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। शिमला से शालाघाट तक 30 किलोमीटर लंबी सड़क फोरलेन बनने के बाद 22 किलोमीटर रह जाएगी।
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इस पर लगभग 1400 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। हालांकि एनएचएआई रिव्यू कर रहा है कि शिमला से शालाघाट तक फोरलेन बनाया जाए या डबललेन। कई विशेषज्ञ इस सड़क मार्ग को डबललेन बनाने के हक में हैं। कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि डबललेन के दो अलग-अलग मार्ग बने तो फोरलेन भी बनेगा व पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा। इस पर जल्द फैसला हो जाएगा।
फोरलेन में शिमला से हीरानगर के बीच तीन सुरंग बनेंगी। इनकी लंबाई 1800, 600 और 400 मीटर होगी। इनके निर्माण से फोरलेन की जद में आने वाले पहाड़ों को कम नुकसान होगा। फोरलेन की टेंडर प्रक्रिया पूरा करने के लिए दो से तीन माह का समय लग सकता है। शिमला-मटौर फोरलेन के परियोजना निदेशक वाईए राउत ने बताया कि इस पैकेज का मामला अप्रूवल कमेटी के पास है। स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया में तेजी आएगी। इस पैकेज को फोरलेन या डबललेन बनाने पर रिव्यू चल रहा है। हीरानगर-शिमला के बीच तीन टनल बनेंगी।