प्रदेश में सोमवार से 8वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए नियमित स्कूल खुलेंगे। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार के जारी दिशा निर्देशों का स्कूल प्रबंधन को सख्ती से पालन करना होगा। स्कूल के कमरे की क्षमता के अनुसार 50 फीसदी विद्यार्थियों को ही एक कक्षा में बैठाया जाएगा। अन्य विद्यार्थियों की क्लास दूसरे कमरे में लगेगी। प्रार्थना सभा और खेल गतिविधियां नहीं होंगी। भोजनावकाश भी अलग-अलग होगा।
हर घर पाठशाला अभियान के तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षण सामग्री रोजाना भेजी जाएगी। कोरोना से बचाव के लिए जारी एसओपी का स्कूलों में पालन करना होगा। कक्षाओं में एक बेंच पर एक विद्यार्थी बैठेगा। पहली से सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों को बुलाने पर विचार दशहरे के बाद होगा। 15 अक्तूबर को दशहरा है।
60 फीसदी शिक्षकों को लगी है कोरोना से बचाव की दोनों डोज
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त सौ फीसदी शिक्षकों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है, जबकि दोनों डोज 60 फीसदी शिक्षकों को लगी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सभी शिक्षकों को जल्द दूसरी डोज लगवाने के आदेश दिए हैं।