पंचायत चुनाव के लिए पदों के आरक्षण का जिम्मा संबंधित जिलों के उपायुक्तों को सौंपा है। पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि डीसी ही तय करेंगे कि उनके जिलों की पंचायतों में रोस्टर के अनुसार इस बार चुनाव में आरक्षण लागू होगा। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार मानते हुए चुनाव के लिए पंचायतों के पद आरक्षित करने के निर्देश दे दिए हैं।
जिन पंचायतों में महिलाओं को पिछली बार आरक्षण दिया गया था, उनके बदले इस बार दूसरी पंचायतों के पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। पंचायत चुनाव से पहले नई पंचायतों का गठन नहीं करने का फैसला पहले ही सरकार ले चुकी है। इस बार भी कुल 3226 पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे।
चुनाव से पहले खर्च किया जाएगा 14वें वित्त आयोग का शेष बजट
इस बार राज्य में 14वें वित्तायोग का बजट 65 फीसदी ही खर्च हो पाया है। वित्त आयोग से 90 करोड़ का बजट मिला था, लेकिन अभी 31 करोड़ खर्च होना है, जिसके लिए सभी जिलों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह बजट पंचायत चुनाव से पहले खर्च किया जाएगा।