फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में पंचायत चुनाव नवंबर-दिसंबर में, 2010-11 का ही आरक्षण रोस्टर होगा लागू

Sun, 12 Jul 2020 06:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हिमाचल में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव वर्ष 2010-11 के आरक्षण रोस्टर के तहत नवंबर-दिसंबर में करवाए जाएंगे। इसमें 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण होगा। प्रदेश सरकार चुनाव आयोग की गाइडलाइन के तहत प्रदेश की 3226 पंचायतों में चुनाव करवाएगी, जिसमें फेस कवर, सैनिटाइजर, ग्लव्ज सहित तमाम व्यवस्थाएं होंगी। इसका खुलासा पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने रविवार को बिलासपुर में जिला प्रशासन के साथ हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में किया।  

विज्ञापन


कंवर ने बताया कि चुनाव आयोग ने सरकार से पूछा था कि क्या इस साल के अंत में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाने को तैयार हैं, तो प्रदेश सरकार ने चुनाव के लिए अपनी ओर से आयोग को आश्वस्त कर दिया है। मंत्री ने कहा कि राज्यसभा के चुनाव भी हाल ही में हुए हैं और बिहार में भी चुनाव हो रहे हैं, ऐसे में प्रदेश में पंचायत चुनाव करवाने के लिए सरकार हर स्तर पर तैयार है।

मंत्री ने बताया कि एससी-एसटी के लिए पंचायतों में आबादी के लिहाज से सीटें आरक्षित होंगी, जबकि ओबीसी के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण रहेगा। पांच प्रतिशत से कम आबादी पर रोस्टर की पात्रता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के बीच पंचायत प्रतिनिधियों से ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सीधी बात की है। लॉकडाउन में कई पंचायतों की कार्यशैली बेहतर पाई गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पंचायतों में पदों के आरक्षण का जिम्मा जिलों के उपायुक्तों को सौंपा

पंचायत चुनाव के लिए पदों के आरक्षण का जिम्मा संबंधित जिलों के उपायुक्तों को सौंपा है। पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि डीसी ही तय करेंगे कि उनके जिलों की पंचायतों में रोस्टर के अनुसार इस बार चुनाव में आरक्षण लागू होगा। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार मानते हुए चुनाव के लिए पंचायतों के पद आरक्षित करने के निर्देश दे दिए हैं।

जिन पंचायतों में महिलाओं को पिछली बार आरक्षण दिया गया था, उनके बदले इस बार दूसरी पंचायतों के पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। पंचायत चुनाव से पहले नई पंचायतों का गठन नहीं करने का फैसला पहले ही सरकार ले चुकी है। इस बार भी कुल 3226 पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे। 

चुनाव से पहले खर्च किया जाएगा 14वें वित्त आयोग का शेष बजट
इस बार राज्य में 14वें वित्तायोग का बजट 65 फीसदी ही खर्च हो पाया है। वित्त आयोग से 90 करोड़ का बजट मिला था, लेकिन अभी 31 करोड़ खर्च होना है, जिसके लिए सभी जिलों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह बजट पंचायत चुनाव से पहले खर्च किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें