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लाहौल-स्पीति के विद्यार्थियों से भद्दा मजाक, मात्र 8 रुपये दे रहे छात्रवृत्ति

Fri, 26 Feb 2021 01:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर दिनेश जस्पा, अमर उजाला नेटवर्क, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
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छात्रवृत्ति- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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पहली से पांचवीं कक्षा तक बच्चों को लाहौल-स्पीति पैटर्न के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति बच्चों और अभिभावकों के लिए भद्दा मजाक बन गई है। यह छात्रवृत्ति 65 साल में महज छह रुपये बढ़ोतरी के साथ आठ रुपये में सिमटकर रह गई है। 1956 में दो रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती थी। इसमें वर्ष 1994 में महज छह रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह छात्रवृत्ति साल में 10 माह की ही मिलती है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जिले के लोगों ने इस छात्रवृत्ति को बंद करने या सरकार से इसे बढ़ाने की मांग की है।

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बता दें कि 1956 में प्राइमरी स्कूलों के अध्यापकों का वेतनमान 14 रुपये प्रतिमाह था। आज जेबीटी का वेतनमान प्रतिमाह 50 हजार से अधिक है, लेकिन छात्रवृत्ति की राशि में बढ़ोतरी नहीं हुई है। तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, सिस्सू पंचायत प्रधान सुमन, जिप सदस्य छिमेद लामो, राजकुमार, सुरेश लाल, राजेंद्र ठाकुर और राजीव कुमार ने कहा कि लाहौल-स्पीति पैटर्न की यह छात्रवृत्ति लाहौल-स्पीति जिले के लिए ही एक भद्दा मजाक बनकर रह गई है।

यह छात्रवृत्ति बच्चों को मार्च में मिलेगी। इसमें लाहौल की 112 प्राथमिक पाठशालाओं के 672 तथा स्पीति की 69 प्राथमिक पाठशालाओं के 495 बच्चों समेत जिले के 1167 बच्चों को महज 93360 रुपये ही छात्रवृत्ति दी जाएगी। (संवाद)
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शिक्षा उपनिदेशक लाहौल सुरजीत राव ने कहा कि वह इस मामले में उपायुक्त लाहौल-स्पीति के आदेशों का पालन किया जाएगा। जैसे ही उन्हें अनुमति मिलेगी, वह लाहौल-स्पीति पैटर्न छात्रवृत्ति को लेकर उच्च अधिकारियों से पत्राचार करेंगे। 

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