जानकारी के मुताबिक मुर्गियों की रोजाना घटती संख्या से मुर्गी पालक सूबेदार (सेवानिवृत्त) बेसर राम ने निगरानी शुरू की। सोमवार को जैसे ही तेंदुआ मुर्गीखाने में घुसा, उसने उसे बंद कर दिया।
शिमला के बाद प्रदेश के अन्य रिहायशी इलाकों में तेंदुए के दिखने से लोग दहशत में हैं। ऐसा ही मामला सुंदरनगर में पेश आया। पंचायत पलोहटा के नेहरा गांव में सोमवार तड़के मुर्गियों के शिकार के लिए आए तेंदुए को पूर्व सैनिक ने मुर्गीखाने में बंद कर वन विभाग के हवाले कर दिया। कुछ दिनों से यह तेंदुआ घात लगाकर मुर्गी खाने से मुर्गियों को अपना शिकार बना रहा था। तेंदुआ अब तक 70 मुर्गियों को मार चुका है।
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जानकारी के मुताबिक मुर्गियों की रोजाना घटती संख्या से मुर्गी पालक सूबेदार (सेवानिवृत्त) बेसर राम ने निगरानी शुरू की। सोमवार को जैसे ही तेंदुआ मुर्गीखाने में घुसा, उसने उसे बंद कर दिया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश किया। उसके बाद उसे पिंजरे में डालकर कांगड़ा के गोपालपुर चिड़ियाघर भेज दिया। वन मंडल अधिकारी सुकेत सुभाष पराशर ने इसकी पुष्टि की है। तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है।
स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार, मनोज कुमार और नीलम का कहना है कि तेंदुआ पालतू जानवरों को भी नुकसान पहुंचा रहा था। ग्रामीणों में भी भय का माहौल था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद अब लोग राहत की सांस लेंगे। बेसर राम ने बताया कि सोमवार तड़के जब तेंदुआ शिकार करने के लिए मुर्गीखाने में घुसा तो मुर्गियों की आवाजें आने लगीं। मौके पर पहुंचा तो तेंदुए अंदर घुसा था। उसने एकदम से मुर्गीखाने को बंद कर दिया।