बरसात का मौसम शुरू होते ही लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लारजी-सैंज मार्ग पर पागलनाला में लगातार दूसरे दिन बाढ़ आने से आठ घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। पागलनाला में आई बाढ़ से शुक्रवार रात को करीब दो बजे से शनिवार सुबह दस बजे तक निगम की बसों के साथ दर्जनों वाहन फंसे रहे। मौसम विज्ञान केंद्र ने 21 जुलाई तक जिला में अब येलो अलर्ट जारी किया है। सैंज के तलाड़ा गांव के पास पागलनाला घाटी की 15 पंचायतों के लिए पिछले चार दशकों से परेशानी बना हुआ है।
थोड़ी सी भी बारिश होने पर मार्ग बंद हो जाता है। लेकिन शुक्रवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ के करण पागलनाला स्थित लारजी-सैंज मार्ग नाले में बदल गया। तलाड़ा पंचायत की प्रधान सुनीता देवी, भलाण पंचायत की प्रधान गीता देवी, रैला पंचायत की प्रधान खीम दासी, शैंशर के प्रधान नरेश कुमार, सुचैहण के प्रधान रेवती राम ने बताया कि पागल नाले के पास एक आधुनिक तकनीक से पुल का निर्माण होना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
कहा कि एनएचपीसी ने करीब 15 वर्ष पहल पागलनाला में एक पुल निर्माण के लिए 45 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया था। लेकिन अभी तक यहां पुल का निर्माण नहीं हो सका है। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता चमन सिंह ठाकुर ने बताया कि पागलनाला के पास फिलहाल कंक्रीट की दीवारों का निर्माण किया जा रहा है।
तेज बारिश से सैंज घाटी के ऊपरी इलाकों में मक्की की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में ही किसानों की खड़ी फसल तहस नहस हो गई है। किसान राम लाल, मोहन सिंह तथा उत्तम सिंह ने कहा कि भारी बारिश का पानी खेतों में घुसने से मक्की के साथ राजमा को नुकसान पहुंचा है।