फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतरे का हाईवे: नहीं रुक रहा भूस्खलन, वनवे ट्रैफिक, पहाड़ी से कभी भी गिर जाते हैं पत्थर

Fri, 07 Jul 2023 12:30 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन

सार

पहाड़ों से छेड़छाड़ होने के बाद से लगातार पहाड़ दरक रहे हैं। इससे लोगों को अब मुसीबत का सामना भी करना पड़ रहा है। वहीं बारिश के दिनों में पहाड़ियों के ऊपर बने घरों पर भी खतरा मंडराया रहता है। 
विज्ञापन
हाईवे की ओर ढहा कसौली रोड। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर परवाणू से सोलन तक फोरलेन में लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। परवाणू से सोलन तक निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी लगातार भूस्खलन हो रहा है। हाईवे पर दत्यार और सनवारा में सड़क पर वनवे आवाजाही है। आधा दर्जन जगहों में पत्थर और मिट्टी गिरती रहती है। बारिश के दौरान हाईवे पर आधा दर्जन क्षेत्र में पहाड़ी वाली लेन को बंद कर यातायात दूसरी लेन में डायवर्ट करना पड़ता है।

विज्ञापन


इससे यहां हादसों का खतरा रहता है। कब पहाड़ी से पत्थर और मलबा आ जाए, कुछ पता नहीं होता। बीते वर्षों में फोरलेन निर्माण के दौरान कई जगहों पर पहाड़ियों पर पत्थर और मलबा गिर चुका है। पत्थर और मलबा गिरने के कारण हादसे भी हो चुके हैं। अधिकतर परेशानी लोगों को दत्यार, तंबूमोड, चक्कीमोड, जाबली, सनवारा, धर्मपुर, पट्टामोड, कुमारहट्टी, बड़ोग बाईपास में वाहन चालकों को होती है। यहां पर पहाड़ी के ऊपर बड़े-बड़े पत्थर अटके हुए हैं। यह पत्थर कभी भी सड़क पर गिर सकते हैं।

वहीं बारिश के दौरान भी इन जगहों पर अधिक भूस्खलन होता है। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर प्रथम चरण में परवाणू से सोलन तक फोरलेन निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। सड़क को फोरलेन में बदलने के लिए कंपनी की ओर से पहाड़ियों पर जेसीबी चलाई थी। पहाड़ों से छेड़छाड़ होने के बाद से लगातार पहाड़ दरक रहे हैं। इससे लोगों को अब मुसीबत का सामना भी करना पड़ रहा है। वहीं बारिश के दिनों में पहाड़ियों के ऊपर बने घरों पर भी खतरा मंडराया रहता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कालका-शिमला हाईवे पर सनवारा के पास हुआ भूस्खलन। - फोटो : संवाद
स्थान: कालका-शिमला हाईवे। समय- सुबह 10:00 बजे। परवाणू से तीन किलोमीटर के बाद दत्यार के समीप पहाड़ी से काफी मात्रा में मलबा गिरा हुआ है और वाहनों को दूसरी लेन में डायवर्ट किया गया है। सुबह 10:15 बजे। चक्की मोड में भी पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। वहीं वाहन चालक यहां पर जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। यहां पर ट्रैफिक डायवर्ट भी नहीं किया है। 10:25 बजे। जाबली में सड़क पर पत्थर बारिश के दौरान गिरे तो हैं लेकिन उन्हें हटा कर किनारे कर दिया गया है। 10:40 बजे। सनवारा में कसौली सड़क का मलबा गिरा हुआ है। इस कारण थोड़ा पैच बंद किया गया है। इसके पट्टामोड़ के पास पहाड़ी से बारिश में मलबा गिरा है। 10:55 बजे। कुमारहट्टी से बड़ोग बाइपास पर भी पहाड़ियों से पत्थर गिरे हुए हैं, लेकिन इन्हें सड़क किनारे किया हुआ है।

डंगे से भी निकल रहे पत्थर
फोरलेन निर्माण के दौरान जाबली में स्कूल की पहाड़ी पर जेसीबी का पीला पंजा चला था। जिसके बाद स्कूल भवन और मैदान में खतरा पैदा हो गया था। जिसे देखते हुए इस स्कूल भवन को अनसेफ घोषित कर दिया था और कक्षाएं दूसरी जगह चलाई जा रही थी। फोरलेन कंपनी ने इस पहाड़ी पर भूस्खलन न हो इसे लेकर डंगे के पहाड़ी कवर की थी। इसके बाद सेफ्टी को देखकर फिर कक्षाएं इस भवन में लगनी शुरू हुई थी। डंगे से पत्थर निकलना शुरू हो गए हैं। 

दत्यार में ढहा डंगा
भूस्खलन के साथ ही हाईवे पांच पर दत्यार के समीप भूस्खलन के बाद अब सड़क के नीचे लगा डंगा ढह गया। इससे सड़क पर खतरा मंडराने लग गया। वहीं आगामी दिनों यदि मूसलाधार बारिश होती है तो सड़क भी ढह सकती है। हालांकि एहतियात के तौर पर पैच को बंद कर दिया है और संकेत बोर्ड भी लगा दिया है। 

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें