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एचआरटीसी: कंडक्टरों की कमी से बंद 500 बस रूटों को बहाल करने के आदेश

Sun, 21 Nov 2021 10:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

सालों से जनजातीय क्षेत्रों में डटे 300 से ज्यादा ड्राइवरों-कंडक्टरों को भी जल्द वापस बुलाया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि घाटे में डूबे निगम को इन्हें जनजातीय भत्ता न देना पड़े।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में कंडक्टरों की कमी और कोरोना के चलते बंद 500 बस रूट जल्द बहाल किए जाएंगे। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) को आदेश जारी कर दिए हैं। ड्राइवरों-कंडक्टरों की कमी से वर्कशॉप में खड़ी बसें भी जल्द ही सड़क पर दौड़ेंगी।

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वहीं, सालों से जनजातीय क्षेत्रों में डटे 300 से ज्यादा ड्राइवरों-कंडक्टरों को भी जल्द वापस बुलाया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि घाटे में डूबे निगम को इन्हें जनजातीय भत्ता न देना पड़े। इनके स्थान पर शहरी क्षेत्रों व अन्य डिपुओं से ड्राइवरों-कंडक्टरों को भेजा जाएगा। 

यह भत्ता उन कर्मचारियों को दिया जाता है, जो तीन साल कार्यकाल के बाद भी जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देते हैं। लिहाजा, अब किसी भी कर्मचारी को ऐसे क्षेत्रों में तीन साल से ज्यादा वक्त तक नहीं रखा जाएगा। एचआरटीसी में करीब 11 हजार कर्मचारी हैं। इसमें से 300 से ज्यादा कर्मी जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें सालाना 5 से 6 हजार रुपये तक का भत्ता दिया जाता है।
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निगम करोड़ों के घाटे में डूबा है। कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए भी पैसे नहीं हैं। करोड़ों के बिल लंबित हैं। ओवर टाइम का भुगतान भी नहीं हो रहा है। परिवहन निगम के अतिरिक्त निदेशक भूपिंद्र अत्री ने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को वापस बुलाया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

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