102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष पूर्ण चंद ने कहा कि कंपनी से भले ही करार खत्म हो गया है, लेकिन वे निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। जब तक दूसरी कंपनी नहीं आती उनकी सेवाएं जारी रहेंगी।
हिमाचल प्रदेश में रविवार शाम से भले ही जीवीके कंपनी ने करार खत्म होने के बाद 102 एंबुलेंस का संचालन बंद कर दिया है, लेकिन इसका स्टाफ अभी भी सेवाएं दे रहा है। राहत की बात है कि प्रदेश के किसी भी जिले में मरीजों को अभी कोई दिक्कत नहीं आई है।
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हालांकि नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के निदेशक हेमराज बैरवा ने बताया कि सोमवार को बात करने के लिए जीवीके कंपनी को शिमला बुलाया है। कंपनी को 31 दिसंबर तक काम करने का ऑफर दिया है। कंपनी की वित्तीय संबंधी मांगों पर भी बात होगी। बात सार्थक रही तो कंपनी 31 दिसंबर तक सेवाएं देगी, नहीं तो एनएचएम खुद एंबुलेंस संचालन संभालेगा। नई कंपनी के साथ भी एग्रीमेंट होना है।
बता दें कि कंपनी से करार खत्म होने के बाद एनएचएम ने व्यवस्था अपने हाथ ले ली है और एंबुलेंस का चालक-परिचालक स्टाफ सरकार के साथ खड़ा हो गया है। उधर, जीवीके कंपनी 16 नवंबर से 108 एंबुलेंस के संचालन की व्यवस्था भी छोड़ देगी। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को सीएमओ और बीएमओ को इस बारे में बता दिया जाएगा।
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उधर, सरकार ने एंबुलेंस संचालन के लिए बिहार की कंपनी से करार तो किया है, लेकिन कंपनी अभी एग्रीमेंट न होने पर सेवाएं नहीं दे पा रही है। 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष पूर्ण चंद ने कहा कि कंपनी से भले ही करार खत्म हो गया है, लेकिन वे निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। जब तक दूसरी कंपनी नहीं आती उनकी सेवाएं जारी रहेंगी।