पंजाब में अस्थिरता लाने की असफल कोशिश के बाद हिमाचल प्रदेश की ओर रुख करने वाले खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने पत्रकारों को अमेरिका और कनाडा के नंबरों से फोन कॉल कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को 15 अगस्त को झंडा न फहराने देने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर गुरपखवंत सिंह पन्नू के खिलाफ दर्ज की गई है, जिसके नाम से कॉल के दौरान रिकॉर्ड किया गया मैसेज सुनाया गया था।
इस कॉल और भेजे गए संदेश की जांच आतंकी गतिविधि के एंगल से की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि आरोपी गुरपखवंत सिंह खालिस्तान समर्थक गुट सिख्स फॉर जस्टिस का सदस्य है। इस संगठन को भारत सरकार ने 2019 में भारी विरोधी गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। इस संगठन का नेटवर्क विदेशों में है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि सभी कॉल वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के तहत की गई थीं।
कॉल की जांच की जा रही है। साथ ही रिकॉर्डिंग की वॉयस स्पेक्टोग्राफी भी कराई जाएगी। इस जांच में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों पंजाब से सटे हिमाचल के नयनादेवी इलाके के मील पत्थरों पर शरारती तत्वों ने लिख दिया था कि इस जगह से खालिस्तान की हद शुरू होती है। इस मामले में भी हिमाचल पुलिस जांच कर रही है।