करीब 11 घंटे बाद बुधवार को बहाल हुआ चंडीगढ़-मनाली एनएच दोपहर करीब ढाई बजे सात मील के पास भूस्खलन से फिर बाधित हो गया। इसके चलते गाड़ियों को वाया बजौरा चलाया गया। कोरोना कर्फ्यू के दौरान मार्ग पर वाहनों की कम आवाजाही रही, लेकिन रोजमर्रा के काम करने वालों को परेशानी की सामना करना पड़ा।
करीब 11 घंटे बाद बुधवार को बहाल हुआ चंडीगढ़-मनाली एनएच दोपहर करीब ढाई बजे सात मील के पास भूस्खलन से फिर बाधित हो गया। इसके चलते गाड़ियों को वाया बजौरा चलाया गया। कोरोना कर्फ्यू के दौरान मार्ग पर वाहनों की कम आवाजाही रही, लेकिन रोजमर्रा के काम करने वालों को परेशानी की सामना करना पड़ा।
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बुधवार को छह घंटे ही मार्ग पूरी तरह से बहाल हो सका। उसके बाद रुक-रुक कर मार्ग पर पत्थर गिरते रहे और यातायात प्रभावित होता रहा। बता दें कि मंगलवार रात करीब नौ बजे पहाड़ी से बड़ा पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरे। इससे एनएच पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। भूस्खलन वाले स्थान पर फोरलेन की कटिंग चल रही है। सड़क बंद होने के कारण वाहनों को वाया कटौला-बजौरा से डायवर्ट किया गया है।
बुधवार सुबह करीब साढे़ आठ बजे इस मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। दोपहर करीब ढाई बजे मार्ग फिर बंद हो गया। तेज बारिश के कारण वैकल्पिक मार्ग कटौला-बजौरा में भी यातायात प्रभावित रहा। हालांकि, एनएच की मशीनरी मार्ग बहाली में जुटी रही। एएसपी आशीष शर्मा ने कहा कि रुक-रुक कर मार्ग बंद हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों से वाया कटौला बजौरा कुल्लू की ओर जाने की हिदायत दी जा रही है।