बांध और सिंचाई वितरण के लिए बन रही नहरों का निर्माण लगभग हो चुका है। बड़ा बांध बनाए जाने के चलते इस महत्वाकांक्षी सिंचाई प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई है। ऐसे में विभाग ने नई डीपीआर बनाकर स्वीकृति के लिए केंद्रीय जल आयोग के पास भेजी थी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि परियोजना की अनुमानित लागत 737 करोड़ के करीब है। इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। फिन्ना सिंह सिंचाई प्रोजेक्ट के तहत चक्की खड्ड पर लाहडू के निकट एक बांध बन रहा है। यहां सुरंग से नूरपुर के डन्नी गांव तक पानी पहुंचाया जाना है। नूरपुर के विभिन्न गांवों के लोगों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जानी है। चक्की खड्ड पर डैम को लेकर कलम खड्ड की डायवर्शन करके मिलाया गया। बांध से आगे करीब 4,317 मीटर लंबी टनल बन चुकी है। उसके आगे करीब 1,750 मीटर लंबी मुख्य नहर बन चुकी है। इसके बाद इस नहर से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा।
फिन्ना सिंह ने 1977 में दिया था प्रोजेक्ट का विचार
कांगड़ा के विधानसभा क्षेत्र नूरपुर में 1977 में हवलदार फिन्ना सिंह ने सिंचाई प्रोजेक्ट को बनाने के बारे में सोचा था। फिन्ना सिंह नयाड़ी के रहने वाले थे। उनके आसपास के क्षेत्रों में पानी न होने पर उन्होंने ब्रिटिशकाल में म्यांमार में सैन्य सेवाओं के दौरान वहां के अनुभव के आधार पर परियोजना को बनाने का विचार सामने रखा। इसके बाद प्रदेश में बदली सरकारों व आईपीएच की ओर से कई बार प्रोजेक्ट बनाए गए, लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाए। जल शक्ति विभाग ने डीपीआर तैयार कर इसका कार्य शुरू किया था।