मिड-डे मील कर्मियों को दिया जाए 12 महीने का वेतन
मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू की राज्य कमेटी का प्रतिनिधिमंडल सात सूत्रीय मांग पत्र को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला और उन्हें मांग पत्र सौंपा। सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत 21 हजार मिड डे मील कर्मियों को मात्र 4,500 रुपये वेतन घोषित किया है जो कई कई महीनों तक नहीं मिलता। उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर प्रदेश उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने वर्ष 2019 और डबल बेंच ने 2024 में फैसला दिया है कि मिड डे मील कर्मियों को 10 महीने के बजाए 12 महीने का वेतन दिया जाए लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक इस फैसले को लागू नहीं किया गया है। मंत्री रोहित ठाकुर ने मिड डे मील यूनियन की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, उपाध्यक्ष जगत राम, बालक राम, यूनियन अध्यक्ष इंद्र सिंह, महासचिव हिमी देवी, सुदेश कुमार, शांति देवी, संदीप कुमार, जानकी, बिमला और रामप्रकाश शामिल रहे।