हेलिकॉप्टर से रेकी कर लगाया गया लोकेशन का पता।
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समुद्रतल से करीब 17,000 फीट ऊंचे मलाणा के अली रत्नी टिब्बा से लापता कोलकाता के चारों पर्वतारोहियों को वायुसेना के चीता हेलिकॉप्टर ने ढूंढ निकाला। चारों सुरक्षित हैं। अब उन्हें कुल्लू और मनाली से रवाना हुए रेस्क्यू दल वापस कुल्लू लाएंगे। जिस पहाड़ी से पर्वतारोहियों ने चढ़ाई की थी, चारों उसी पहाड़ी के नीचे टेंट बनाकर रह रहे हैं।
रविवार सुबह 10:05 बजे भुंतर हवाई अड्डे से दो चीता हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी। एक हेलिकॉप्टर में पर्वतारोहियों का साथी मनोज नाथ भी शामिल था। हेलिकॉप्टरों ने अली रत्नी टिब्बा के ऊपर 20 से 25 चक्कर लगाए। इस दौरान जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो मनोज नाथ ने पायलट से कैंप वन की ओर हेलिकॉप्टर ले जाने को कहा। जैसे ही कैंप वन के आसपास हेलिकॉप्टर उड़ा तो कैंप वन में लगे टेंट में चारों पर्वतारोही दिख गए।
उन्होंने हाथ हिलाकर अपने सुरक्षित होने का संदेश दिया। वहीं मनाली से गई अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान सहित अन्य रेस्क्यू दलों के 20 लोग भी पर्वतारोहियों के करीब पहुंच गए हैं। दोपहर करीब एक बजे हेलिकाप्टर वापस भुंतर हवाई अड्डा पहुंचे।
हेलिकॉप्टरों ने लापता पर्वतारोहियों को तलाश लिया है। रेस्क्यू टीमें भी पर्वतारोहियों के पास पहुंच गई हैं। अब उनको बैस कैंप तक लाया जा रहा है। सोमवार शाम तक उनके मलाणा पहुंचने की उम्मीद है।
- विकास शुक्ला, उपमंडलाधिकारी कुल्लू
सैलानियों को सोच-समझ कर ट्रैकिंग की अनुमति दें अधिकारी
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कोलकाता के चारों पर्वतारोही सुरक्षित हैं। सरकार ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करवाया, ताकि पर्वतारोही सुरक्षित मिल सकें। सोमवार तक उन्हें बेस कैंप तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। सीएम ने सभी जिला अधिकारियों को कहा है कि कि पर्वतारोहियों और पर्यटकों को सोच-समझ कर ही ट्रैकिंग पर जाने की अनुमति दें।