जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक अवैज्ञानिक निर्माण कार्यों को रोका जाए। नुकसान झेल चुके परिवारों को मुआवजा दिया जाए। राकेश सिंघा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार भूमिहीन किसानों के लिए नीति नहीं बनाई और फोरलेन व सेब आयात के मुद्दे पर ठोस फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। सेब उत्पादक संघ नेता संजय चौहान ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े प्रोजेक्टों के नाम पर किसानों को बेदखल कर रही है। फोरलेन निर्माण अवैज्ञानिक तरीके से हो रहा है। संजौली में भवन ढहने, भट्टाकुफर में सड़क धंसने और चलौंठी क्षेत्र में मकानों में दरारें आने जैसी घटनाओं से कई परिवार बेघर हो चुके हैं। अगर मांगें पूरी नहीं की गईं तो विस का घेराव किया जाएगा। किसान-बागवान सचिवालय घेराव के लिए छोटा शिमला पहुंचे और नारेबाजी की। इस दौरान ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।