जर्जर दीवारों से खतरे में पैदल मार्ग, सरकार से मांगा जवाब
वहीं प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला कांगड़ा की तहसील रक्कड़ स्थित गांव थप्पल में जर्जर पुराने भवनों के कारण ग्रामीणों के रास्ते पर बने खतरे को लेकर दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावलिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने यह संज्ञान महिला मंडल की सदस्य प्रियंका शर्मा और अन्य की ओर से हाईकोर्ट को प्राप्त हुए आवेदन पर लिया है। जनहित याचिका में बताया गया है कि थप्पल में कई पुराने भवन लंबे समय से जर्जर हालत में हैं और इनके साथ ही ग्रामीणों के आने-जाने का रास्ता गुजरता है। महिलाओं ने पहले भी प्रशासन के समक्ष मामला उठाया था। राजस्व अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया। जिला प्रशासन के स्तर पर इन जर्जर भवनों को सार्वजनिक परेशानी और मानव जीवन के लिए खतरा बताया गया था। खंडपीठ ने फिलहाल मामले को रास्ते की सुरक्षा के मुद्दे तक सीमित रखते हुए नोटिस जारी किया है। अदालत ने राज्य से पूछा है कि रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए कार्रवाई क्यों न की जाए। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।