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केसीसी बैंक मामले में हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

Fri, 07 Sep 2018 01:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश हाईकोर्ट ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष जगदीश चंद सिपहिया को निलंबित करने से जुड़े मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में सरकार ने प्रार्थी को आश्वस्त किया है कि इस याचिका के लंबित रहते नए सिरे से घोषित किये गए चुनाव कार्यक्रम पर अमल नहीं किया जाएगा। 

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रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटी ने 6 अप्रैल और 19 जुलाई को पारित आदेशों में केसीसी बैंक के अध्यक्ष सहित सभी निदेशकों को निलंबित कर दिया था। 6 अप्रैल के आदेशों को 19 जुलाई को तकनीकी कारण बताते हुए वापिस ले लिया गया था और उसी दिन नए आदेश पारित कर फिर से उन्हें निलंबित कर दिया था।

रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटी व कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को इस मामले में प्रतिवादी बनाया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष जगदीश चंद सिपहिया द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई पूरी हुई।
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अनाथ आश्रमों में रहने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए बनाओ नीति
प्रदेश हाईकोर्ट ने जुवेनाइल और अनाथ आश्रमों में रहने वाले 18 साल की आयु पूरी कर चुके बच्चों के पुनर्वास के लिए नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने सचिव सामाजिक न्याय को आदेश जारी किए हैं कि वह अनाथ बच्चों व जुवेनाइल के लिए स्थापित किए गए संस्थानों का निरीक्षण करें और उनको संरक्षण देने बाबत प्रबंध करें। मामले पर आगामी सुनवाई 20 सितंबर को होगी।

हाईकोर्ट ने चंबा में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही इन संस्थानों का सोशल ऑडिट करने के आदेश भी दिए। कोर्ट ने उन्हें व्यवसायिक प्रशिक्षण देने बाबत छह प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षक तैनात करने और इन संस्थानों में रिक्त पड़े अधीक्षकों व वार्डन के पदों को भरने के आदेश जारी किए गए हैं।

उधर, राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि जो बच्चे 18 साल से अधिक की आयु पूरी कर चुके हैं उनको वोकेशनल ट्रेनिंग, बीटेक और दूसरी शैक्षणिक डिग्री कोर्स करवाए जा रहे हैं। 848 बच्चों को उनके पुनर्वास के लिए तैयार कर लिया गया है। 115 बच्चों ने सरकारी नौकरी सुरक्षित कर ली है। 713 बच्चो ने निजी क्षेत्र में नौकरी सुरक्षित कर ली है जबकि 20 बच्चे खुद का व्यवसाय करने में सक्षम हो गए हैं।

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