पत्रकार ने उसके खिलाफ सात मई 2021 को आईपीसी की धारा 419, 468, 471 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 डी और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 54 के तहत पुलिस स्टेशन शिमला पूर्व में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार लगाई है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को ई-पास की अनियमितताएं उजागर करने वाले पत्रकार अमन कुमार भारद्वाज के खिलाफ आगामी आदेशों तक कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने दायर प्रार्थी की याचिका पर यह अंतरिम आदेश पारित किया। पत्रकार ने उसके खिलाफ सात मई 2021 को आईपीसी की धारा 419, 468, 471 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 डी और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 54 के तहत पुलिस स्टेशन शिमला पूर्व में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार लगाई है।
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पत्रकार ने अमिताभ बच्चन और डोनाल्ड ट्रंप नाम से ई-पास के लिए आवेदन किया था। अपने आधार कार्ड का विवरण दिया था। आश्चर्यजनक रूप से यह ई-पास बिना किसी सत्यापन के बनाए भी गए थे। याचिकाकर्ता ने जनता को ई-पास जारी करने के तौर-तरीकों को उजागर करने के उद्देश्य से इस कहानी को व्यापक रूप से ब्रॉडकास्ट भी किया। अदालत ने सरकार को अगली सुनवाई तक याचिका का जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया। याचिका में याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि उस पर एफआईआर दर्ज करना कुछ और नहीं, बल्कि प्रेस की आजादी पर लगाम लगाने की कोशिश है।