हिमाचल में स्टेट विजिलेंस की जांच का सामना कर रहे एचपीसीए को अब हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका को रद्द कर दिया है।
कोर्ट ने शुक्रवार सुबह इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए एसोसिएशन की याचिका रद्द कर दी। जानकारी के अनुसार एचपीसीए ने विजिलेंस की ओर से दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर कर रखी थी।
इस पर शुक्रवार सुबह फैसला आया है। हालांकि अभी जजमेंट की कॉपी मिलनी बाकी है।
कोर्ट ने कहा, जांच पूरी तो रद्द नहीं हो सकती FIR
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच स्टेट विजिलेंस कर रही है। क्योंकि अभी केस की जांच तकरीबन पूरी हो चुकी है तो फिर ऐसे में एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती।
प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने अपनी याचिका में कहा था कि विजिलेंस ने जो केस दर्ज किया है उसमें दर्ज आरोप आपराधिक नेचर के नहीं है।
ऐसे में हाईकोर्ट से इस मामले को रद्द करने की मांग की गई थी। कोर्ट से याचिका रद्द होने के बाद एचपीसीए और पूर्व सीएम धूमल की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बेटों समेत आरोपी बनाए गए हैं पूर्व सीएम पीके धूमल
विजिलेंस ने इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को उनके बेटों समेतआरोपी बनाया है। इसमें एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और अरुण धूमल भी आरोपी बनाए गए हैं।
इनके अलावा आईएएस अधिकारी दीपक सानन और अजय शर्मा को भी आरोपी बनाया गया है। अब स्टेट विजिलेंस इस मामले में चार्जशीट कोर्ट में पेश कर सकती है।
वहीं, एचपीसीए इस मामले में सुर्पीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।