प्रदेश को प्लास्टिक कचरा मुक्त करने के उद्देश्य से हिमाचल सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार रि-साइकल न होने वाले प्लास्टिक की खरीद करेगी। इस प्रक्रिया को कैसे किया जाएगा और प्लास्टिक किस दाम पर और कहां खरीदा जाएगा, इसका प्रस्ताव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने तैयार किया है। साथ ही इसे वित्त विभाग को अनुमति के लिए भी भेज दिया है।
वित्त विभाग की मंजूरी के बाद प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा, जहां से अंतिम निर्णय के बाद प्रदेश में यह लागू होगा। दरअसल, प्रदेश के पर्यावरण को संभालने और प्लास्टिक कचरा मुक्त करने के उद्देश्य से हिमाचल सरकार लगातार प्रयास करती रही है। 1999 में प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबंध लगाने वाले देश के पहले राज्य हिमाचल प्रदेश ने अब चिप्स, कुरकुरे, नमकीन और बिस्कुट जैसे विभिन्न उत्पादों की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से भी प्रदेश को मुक्त करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है।
अब ऐसे प्लास्टिक पैकेट जो री-साइकिल नहीं हो सकते, उन्हें प्रदेश सरकार खरीदेगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चूंकि सरकार के बजट से पैसा जाना है, ऐसे में वित्त विभाग से अनुमति मांगी गई है। विभाग की राय आने के बाद इसे कैबिनेट में ले जाया जाएगा, जहां से मंजूरी मिलते ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इस कदम के लागू होने के बाद प्रदेश में प्लास्टिक के छोटे-मोटे कचरे से भी निजात मिल जाएगी। सूत्रों का कहना है कि चूंकि कचरे के बदले सरकार पैसे देगी, इसलिए लोग भी इस योजना से जुड़ेंगे और कचरा कम फैलेगा।