खुद को पीड़ित बता रहे इस चिकित्सक ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के समक्ष एक बेनामी शिकायत को आधार बनाकर प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस तारीख में बेनामी शिकायत के अनुसार मरीज को नहीं देखने का उन पर आरोप लगाया गया है, उन्हीं तारीखों के बीच वह स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे।
चिकित्सक ने निदेशक की ओर से मंजूर किए गए अवकाश पत्र को भी संलग्न किया है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी उनकी छुट्टी सेंक्शन कर गए थे, वही इस मामले को इन्कवायर भी कर रहे हैं। यही नहीं, उनका वेतन तक रोका गया है। इस पूरे मामले में प्रतिक्रिया के लिए निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अजय गुप्ता से संपर्क किया गया, मगर वह उपस्थित नहीं हुए।