कैलाश ठाकुर ने कहा कि पूर्व अध्यक्ष ने अपने गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी के कारण कई बार बनते काम भी बिगाडे़ हैं। यदि वीरेंद्र चौहान एनपीएस के 3 मार्च, 2022 के धरने में शामिल न होते तथा धरने से पहली शाम अपना एक वीडियो वायरल न करते तो शायद मुख्यमंत्री उन लोगों से मिलने भी बाहर आते।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश ठाकुर ने संघ के अध्यक्ष पद से निलंबित वीरेंद्र चौहान की ओर से मीडिया में दिए गए बयानों को उनकी बौखलाहट का नतीजा बताया है। वीरवार को शिमला प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता में कैलाश ठाकुर ने कहा कि बयानबाजी में जिस प्रकार की भाषा शैली का वीरेंद्र चौहान प्रयोग कर रहे हैं। वह एक अध्यापक और पढे़-लिखे व्यक्ति के स्तर से नीचे की है।
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कहा कि नेता वह होता है जो मुद्दे उठाने के साथ उनके समाधान का रास्ता भी निकाले। पूर्व अध्यक्ष ने अपने गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी के कारण कई बार बनते काम भी बिगाडे़ हैं। यदि वीरेंद्र चौहान एनपीएस के 3 मार्च, 2022 के धरने में शामिल न होते तथा धरने से पहली शाम अपना एक वीडियो वायरल न करते तो शायद मुख्यमंत्री उन लोगों से मिलने भी बाहर आते।
संघ के कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश ठाकुर ने वीरेंद्र चौहान को चुनौती दी है कि यदि वे एक बड़े अध्यापक नेता हैं तो तत्काल हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के विलय के लिए अपनी सहमति प्रकट करें। इसमें सभी धडे़ एक ऐसे कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति करेंगे जो निर्विवाद हो और जिसकी देखरेख में एक स्वतंत्र चुनाव समिति का गठन हों। वीरेंद्र चौहान भी चुनाव लडे़ं। उन चुनावाें के नतीजे बता देंगे कि वीरेंद्र चौहान कितने बड़े नेता हैं।