उल्लेखनीय है कि बीते शनिवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन घोटाले की जांच को कथित तौर पर ठंडे बस्ते में डालने को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। मुख्यमंत्री ने सदन से ही हिमाचल पुलिस को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा था।
पुलिस की ओर से सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि घोटाले में कई बैंकों से लेकर दूसरे राज्यों में स्थापित संस्थानों का हाथ होने की पुष्टि हो रही है। मामले के कई राज्यों से जुड़े होेने के कारण हिमाचल पुलिस अकेले जांच नहीं कर सकती। लिहाजा, जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को दे दी जाए।