29 जनवरी को सचिव समिति की बैठक में मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने गृह, राजस्व आदि विभागों को मामलों पर एक माह के भीतर निस्तारित करने के दिशा निर्देश दिए।
पूर्व सीएम धूमल के खिलाफ अभियोजन मंजूरी को वापस लेने के लिए मुख्य सचिव ने पुलिस महकमे के साथ बैठकें भी की। कई अधिकारियों को मामले से जुड़ी फाइलों को खंगाल कर कानूनी रास्ता निकालने में लगाया गया।
हालांकि, इस बीच सरकार ने एचपीसीए की लीज मनी के लंबित प्रकरणों पर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, लेकिन कानूनी अड़चनें दूर नहीं हुईं।
पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह भी मामलों को कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते उनकी वापसी पर सवाल खड़ा कर चुके हैं। ऐसे में अधिकारी भी संबंधित प्रकरणों से बचते दिख रहे हैं।