साथ ही कहा था कि पुरानी पीढ़ी भी नए जमाने के प्रचार के इन तरीकों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करे। केंद्रीय नेतृत्व ने भी संपर्क फॉर समर्थन अभियान के जरिये नेताओं से समर्थन मांगकर फोटो सोशल मीडिया में साझा करने को कहा। लेकिन पार्टी के लाख कोशिशों के बावजूद नेता गंभीर नहीं हैं।
ट्विटर पर तो प्रदेश के नेताओं की स्थिति काफी दयनीय है। जयराम सरकार के मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडा और सरवीन चौधरी के पास ट्विटर पर अकाउंट ही नहीं है। अनिल शर्मा, विपिन परमार, किशन कपूर, महेंद्र सिंह, डॉ. राजीव सैजल, गोविंद ठाकुर के अकाउंट तो हैं लेकिन सक्रिय नहीं हैं।
प्रदेश के चार लोकसभा सांसदों में सिर्फ शांता कुमार हैं, जिनका ट्विटर अकांउट वेरीफाई नहीं है। राज्यसभा सांसद व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव हैं। दोनों को फेसबुक और ट्विटर पर फालो करने वालों की संख्या लाखों में है।
साथ ही दोनों के बीच जैसे ट्वीट करने की वॉर सी चल रही है कि कौन किसी भी मौके पर पहले ट्वीट या पोस्ट करता है। बाकी सांसदों के अकाउंट भी वेरीफाई हैं लेकिन फालोवर की संख्या हजारों में अटकी हुई है।
वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह भी ट्विटर और फेसबुक पर खासे एक्टिव हैं।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती और संगठन मंत्री पवन राणा भी फेसबुक और ट्विटर पर एक्टिव हैं। सत्ती कहते हैं कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कहा गया है कि सोशल मीडिया के हर माध्यम से जनता तक अपनी पहुंच बनाए और प्रदेश व मोदी सरकार की नीतियों व योजनाओं की जानकारी दें।