अभी तक इस योजना के तहत सालाना 365 रुपये का प्रीमियम काटा जा रहा था। सामान्य रोग की स्थिति में 30 हजार और गंभीर रोग का इलाज पौने दो लाख रुपये तक का कैशलेस हो रहा था। इसका दायरा पांच लाख रुपये बढ़ाए जाने से आम आदमी को लाभ होगा।
यह लाभ केवल पांच सदस्य वाले परिवार को ही मिलेगा। अगर पांच से ज्यादा सदस्य हैं तो उन्हें अलग से 1000 रुपये प्रीमियम देकर बीमा लाभ लेना होगा। इस योजना के लागू होने के बाद लोग पीजीआई चंडीगढ़ के अलावा हिमाचल के सूचीबद्ध अस्पतालों में अपना इलाज करवा पाएंगे।
सोमवार को ही राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को भी अधिसूचित कर दिया है। इसमें आयुष्मान योजना से छूटे गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा।
इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड-डे-मील वर्कर्स, 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग, 70 साल से ऊपर के विकलांग, एकल नारी आदि को शामिल किया गया है। यह लाभ करीब पांच लाख लोगोें को मिलेगा। इस योजना का लाभ पाने वाले लाभार्थियों से 30 रुपये प्रतिव्यक्ति प्रतिवर्ष प्रीमियम लिया जाता है।
इसमें भी न्यूनतम बीमा लाभ 30 हजार रुपये, गंभीर बीमारी पर 1.75 लाख रुपये और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी पर 2.75 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज किया जा रहा था। यह लाभ भी अब पांच लाख रुपये तक मिलेगा।
- यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के कार्ड के लिए जिला अस्पतालों और लोक मित्र केंद्रों में होगा पंजीकरण
- आधार कार्ड, पहचान के लिए राशनकार्ड की कॉपी अनिवार्य
- संबंधित जिलों में ही बनेंगे हेल्थ कार्ड
- पांच से ज्यादा सदस्यों के दो ग्रुप में खींची जाएगी फोटो
- आने वाले समय में ब्लॉक स्तर पर भी होगी पंजीकरण व्यवस्था