महीनों से मानदेय को तरस रहे हजारों पीटीए शिक्षकों के लिए यह राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने इन शिक्षकों की 23.24 करोड़ ग्रांट इन एड जारी कर दी है। इससे एलीमेंटरी और हायर एजूकेशन विभागों के तहत स्कूलों में कार्यरत 6945 पीटीए शिक्षकों के मानदेय का रास्ता साफ हो गया है।
इन शिक्षकों को पिछले करीब चार मानदेय से वेतन नहीं मिला था। स्कूलों में प्रवक्ता के तौर पर कार्यरत पीटीए शिक्षकों को 10875, टीजीटी को 10525 और सीएंडवी को 10125 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। इन शिक्षकों के वेतन के लिए शिक्षा विभाग की ओर से 26 करोड़ का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था।
इसकी फाइल सितंबर माह से सचिवालय में घूम रही थी। ट्राइबल और हार्ड एरिया में कार्यरत शिक्षकों को चार और अन्य जिलों में तैनात शिक्षकों को दो महीने से मानदेय नहीं मिला था। मानदेय को लेकर पीटीए शिक्षक मुख्य सचिव तक मिल चुके थे। ग्रांट इन एड जारी करने के लिए पीटीए शिक्षकों ने शिक्षा सचिव को पांच दिन का अल्टीमेटम भी दिया था। बुधवार को यह समाप्त होना था।
सरकार ने उससे पहले ही ग्रांट जारी कर दी। प्रधान सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि भविष्य में पीटीए शिक्षकों की ग्रांट समय पर जारी की जाएगी। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
नियमितीकरण को मिलेंगे सीएम से
पीटीए शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक मेहता ने ग्रांट जारी करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए बताया कि वे नियमितीकरण की मांग को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के चुनावी वादे के अलावा सीएम कई बार पीटीए शिक्षकों को रेगुलर करने के लिए नीति बनाने का ऐलान कर चुके हैं।