हिमाचल सरकार ने अधिकारियों के विदेश दौरे पर सख्ती कर दी है। आईएएस, एचएएस और सचिवालय सेवाएं अधिकारियों को सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि विदेश जाने के मामले में वे पहले कार्मिक विभाग से अनुमति लें। बाद में भेजे गए आवेदनों को कंडक्ट रूल्स की अवहेलना माना जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक तरुण श्रीधर ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों, सभी विभागाध्यक्षों, सभी मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, तमाम बोर्डों-निगमों के प्रबंधकों को ये आदेश जारी किए हैं कि कंडक्ट रूल्स के हिसाब से ही अधिकारी विदेश दौरे पर जाएंगे।
इन प्रशासनिक अधिकारियों को कहा गया है कि आईएएस, एचएएस और एचपीएसएस अधिकारियों के लिए कार्मिक विभाग ही काडर नियंत्रण अथॉरिटी है। ऐसे में उनके नाम विदेशों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों और दौरों के लिए सीधे तौर पर नहीं भेजे जा सकते हैं। इन्हें कार्मिक विभाग की प्रारंभिक मंजूरी लेनी होगी।
ये कार्मिक विभाग के नोटिस में आया है कि कुछ विभाग कार्मिक विभाग से प्रारंभिक स्वीकृति लिए बगैर ही विदेशी प्रशिक्षण और दौरे के लिए अधिकारियों के नामों की संस्तुति कर रहे हैं।
वे विदेश दौरे के लिए नाम मंजूर किए जाने के बाद ही कार्मिक विभाग में आ रहे हैं। ऐसे भी कई मामले सामने आए हैं कि काडर क्लीयरेंस के बिना ही कई अधिकारी विदेश दौरे पर भी चले गए हैं। यह कंडक्ट नियमों की पूरी तरह से अवहेलना है।
ऐसे में ये कहा जाता है कि भविष्य में आईएएस, एचएएस, एचपीएसएस अधिकारी और विभागाध्यक्षों को विदेश दौरो पर नहीं भेजा जाएगा, जब तक कि उन्हें कार्मिक विभाग की मंजूरी नहीं मिल जाए।