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अब 80 से ज्यादा स्पीड में नहीं दौड़ पाएंगे वाहन

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हिमाचल प्रदेश में 88 हजार से अधिक कॉमर्शियल वाहन अब 80 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार में नहीं दौड़ सकेंगे। इनमें ‘स्पीड गवर्नर’ नाम का एक उपकरण लगाना अनिवार्य किया जा रहा है जो 80 की स्पीड से ज्यादा वाहन को दौड़ने नहीं देगा। इस उपकरण से आपकी गाड़ी की लोकेशन का भी पता चल सकेगा ताकि चोरी या हादसा होने का आसानी से पता चल सके।
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प्रदेश में 1 अक्तूबर से पहले पंजीकृत सभी कॉमर्शियल वाहन मालिकों को 1 अप्रैल 2016 तक उपकरण लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार ने ड्राफ्ट की अधिसूचना जारी कर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। प्रदेश सरकार ने रफ्तार से होने वाले हादसों और बढ़ती वाहन चोरी की वारदातों को रोकने के लिए यह फैसला लिया है।
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स्पीड गवर्नर के बिना पास नहीं होगी गाड़ी

प्रदेश सरकार कॉमर्शियल के बाद निजी वाहनों में भी इस उपकरण को अनिवार्य करने की तैयारी में है। इसके अलावा सभी स्कूली बसों में भी यह उपकरण लगाना होगा। हालांकि, अभी यह तय किया जाना है कि किस क्षेत्र के लिए कितनी स्पीड लिमिट होगी। अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा ही रहेगी। प्रदेश सरकार की ओर से जारी ड्राफ्ट के अनुसार अगर कोई वाहन मालिक तय समय तक इस उपकरण को नहीं लगता है तो उसे परिवहन विभाग की ओर से फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा।

नई गाड़ियों की पासिंग भी बिना उपकरण न करने की तैयारी है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि कॉमर्शियल वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने की ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी की है। इसमें आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। 1 अप्रैल, 2016 तक वाहनों में यह उपकरण लगाना अनिवार्य किया जाएगा।
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