बैंक में पाई गई अनियमितताओं को लेकर सहकारी मंत्री राजीव सैजल विधानसभा में सीबीआई जांच करवाने तक की बात कह चुके हैं। अब बैंक के बीओडी को भंग कर सरकार ने सभी को चौंका दिया है। उधर, रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसासटी आरएन बत्ता ने बताया है कि कांगड़ा बैंक के कामकाज में बीस से अधिक अनियमितताएं पाई गई हैं।
कांगड़ा सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन जगदीश सिपाहिया ने कहा है कि बीओडी को भंग करने के लिए खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। कोर्ट से स्टे लेकर बैंक को दोबारा सफलता पूर्वक चलाया जाएगा। बैंक के प्रबंध निदेशक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार झूठी है। बिना आधार के सरकार काम कर रही है। मेरे बोर्ड पर एक भी लांछन नहीं लगाया जा सकता। हमने ईमानदारी से काम किया है। सरकार ने विधानसभा में झूठे आंकड़े पेश किए हैं।
साजिश के तहत बोर्ड को भंग किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास चेयरमैन पद के लिए कोई भी चेहरा नहीं है। धूमल-शांता और जयराम ठाकुर अपने-अपने गुट से चेयरमैन बनाना चाहते हैं। चेयरमैन बनाने में सफलता नहीं मिलने पर बोर्ड को भंग करने से सरकार की हताशा साफ दिखी है।