लोगों के मन की बात जानने के लिए जयराम सरकार सर्वे कराने जा रही है। इस सर्वे को ‘सेंटिमेंट सर्वे’ का नाम दिया गया है, जिसे ग्रामीण विकास विभाग कराएगा। आम लोग इस सर्वे के दौरान जिला व राज्य स्तरीय जनमंच के दौरान की गई शिकायतों की गुणवत्ता व विभागों के कामकाज पर सरकार को अपना फीडबैक भेजेंगे। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सरकार विभागों के कामकाज में सुधार लाने के लिए रणनीतिक बदलाव करेगी।
हालांकि, इस सर्वे को गोपनीय रखा जाएगा और सिर्फ मुख्यमंत्री, मंत्रियों व विभागीय सचिवों को इस रिपोर्ट की जानकारी मिलेगी ताकि वह कामकाज में जरूरी बदलाव के प्रस्ताव बनाकर प्रदेश की तस्वीर बदल सकें। तकनीक के जरिये लोगों तक पहुंच बनाने और उनकी बात जानने की कोशिशों में जुटी जयराम सरकार ने एक और नई कवायद की तैयारी कर ली है।
कवायद के तहत ग्रामीण विकास विभाग एनआईसी की मदद से एक ऐप तैयार कर रहा है जिसे अपलोड कर लोग जनमंच व दस मुख्य विभागों के कामकाज को लेकर अपना फीडबैक देंगे। फीडबैक देने वाला व्यक्ति जिस स्थान पर रहता है, उसी क्षेत्र से संबंधित फीडबैक दे सकेगा। सूत्रों ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग पिछले काफी समय से इस तरह की कोशिश में जुटा था ताकि सरकार तक जनता के मन की बात पहुंच सके।
इसी वजह से यह प्रस्ताव कई बार मंत्रिमंडल में गया, विभागीय सचिव आरएन बत्ता ने कई प्रेजेंटेशन भी दिए और लंबे मंथन के बाद आखिरकार मंत्रिमंडल ने इस सेंटिमेंट सर्वे को मंजूरी दे दी है। विभाग भी इसकी टेस्टिंग कर रहा है और माना जा रहा है कि इसे मुख्यमंत्री के पहले राज्य स्तरीय जनमंच के आसपास लांच किया जा सकता है।