अब भुट्टो विधायकी गंवाने के बाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा से टिकट झटककर कुटलैहड़ में उपचुनाव लड़ रहे हैं और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर अंदरखाते इस झटके से उदास हैं। ऐसे में कांग्रेस को जहां भाजपा के भितरघात से उम्मीद बंधी है तो वहीं अपने सुराख रोकने के प्रयास कर रही है। इन्हीं प्रयासों के तहत वीरवार को कुटलैहड़ में प्रदेश कांग्रेस सचिव देसराज गौतम को मनाकर मंचासीन किया गया, जो टिकट के एक और दावेदार रहे हैं। हालांकि उनके समर्थक जनसभा स्थल पर फोटो वाले बैनर के साथ उनके पक्ष में नारेबाजी करते हुए उमड़ आए।
देसराज की तरह ही जिला और ब्लॉक के कई नेता भी साथ देते नजर आए। आम आदमी पार्टी के पिछली बार के प्रत्याशी अनिल मनकोटिया को कांग्रेस में मिलाकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अन्य हलकों में भी इसी तरह से नेताओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति की ओर इशारा किया है। बेशक वोट लेने में पिछले चुनाव में मनकोटिया का चुनावी प्रदर्शन संतोषजनक न रहा हो, पर इससे एक संकेत हुआ है कि आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी भाजपा से इतर विचारधारा वाले नेताओं को कांग्रेस के साथ लाने की मोर्चेबंदी पर काम हो सकता है।
सर्वे में रायजादा का नाम होने की बात भी स्वीकारी
सुक्खू ने हमीरपुर सीट से लोकसभा चुनाव के लिए सर्वेक्षण में ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा का नाम होने की भी बात जरूर की, मगर साथ ही कहा कि इस बारे में फैसला हाईकमान को लेना है। ऐसे में यहां पर रायजादा के अलावा अन्य विकल्पों का विचार होने की ओर भी इंगित किया। गौरतलब है कि सतपाल रायजादा विधानसभा के चुनाव में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती को हरा चुके हैं। उनको मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है।