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Himachal Election: कुटलैहड़ के मंच से सुक्खू-मुकेश का चुनावी शंखनाद, विवेक की उम्मीदवारी पर मुहर

Fri, 05 Apr 2024 11:13 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, शिमला

सार

चुनावी शंखनाद करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कांग्रेस के सभी क्षेत्रीय नेताओं को एक मंच पर लाकर एकजुटता का संदेश दिया। 
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मुख्यमंत्री सुखविंंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 अपने गृह संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में कुटलैहड़ हलके के विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनावी शंखनाद करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कांग्रेस के सभी क्षेत्रीय नेताओं को एक मंच पर लाकर एकजुटता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने करीबी विवेक शर्मा की उम्मीदवारी पर भी मुहर लगा दी। आम आदमी पार्टी के पिछली बार के प्रत्याशी अनिल मनकोटिया को कांग्रेस में मिलाकर उन्होंने नई बिसात पर काम शुरू किया। गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समूरकलां में मंच पर एक-दूसरे से गले लगकर कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में गए अपने बागियों पर खूब हमलावर दिखे।

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मुख्यमंत्री ने तो भाजपा से टिकट लेने वाले देवेंद्र कुमार भुट्टो को ‘वोटों से बुरी तरह से कूटने’ का आह्वान कर चुनाव प्रचार की आक्रामक व्यूह रचना की भी झलक दिखाई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सर्वेक्षण में विवेक शर्मा के सबसे ऊपर होने की बात कर उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने पर तस्वीर साफ कर आग्रह किया कि उनका सब समर्थन करें। यह उल्लेखनीय है कि विवेक शर्मा ने 2017 में कांग्रेस के टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ा था, मगर भाजपा के वीरेंद्र कंवर से हार गए थे। तब विवेक शर्मा 5606 मतों से हारे थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में विवेक शर्मा का टिकट कटा और देवेंद्र कुमार भुट्टो को लड़ाया गया। विवेक को सुक्खू के करीबी होने की कीमत चुकानी पड़ी। हालांकि भुट्टो 7579 मतों से वीरेंद्र कंवर को हराकर चुनाव जीते थे।

अब भुट्टो विधायकी गंवाने के बाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा से टिकट झटककर कुटलैहड़ में उपचुनाव लड़ रहे हैं और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर अंदरखाते इस झटके से उदास हैं। ऐसे में कांग्रेस को जहां भाजपा के भितरघात से उम्मीद बंधी है तो वहीं अपने सुराख रोकने के प्रयास कर रही है। इन्हीं प्रयासों के तहत वीरवार को कुटलैहड़ में प्रदेश कांग्रेस सचिव देसराज गौतम को मनाकर मंचासीन किया गया, जो टिकट के एक और दावेदार रहे हैं। हालांकि उनके समर्थक जनसभा स्थल पर फोटो वाले बैनर के साथ उनके पक्ष में नारेबाजी करते हुए उमड़ आए।

देसराज की तरह ही जिला और ब्लॉक के कई नेता भी साथ देते नजर आए। आम आदमी पार्टी के पिछली बार के प्रत्याशी अनिल मनकोटिया को कांग्रेस में मिलाकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अन्य हलकों में भी इसी तरह से नेताओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति की ओर इशारा किया है। बेशक वोट लेने में पिछले चुनाव में मनकोटिया का चुनावी प्रदर्शन संतोषजनक न रहा हो, पर इससे एक संकेत हुआ है कि आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी भाजपा से इतर विचारधारा वाले नेताओं को कांग्रेस के साथ लाने की मोर्चेबंदी पर काम हो सकता है।


 
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सर्वे में रायजादा का नाम होने की बात भी स्वीकारी
सुक्खू ने हमीरपुर सीट से लोकसभा चुनाव के लिए सर्वेक्षण में ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा का नाम होने की भी बात जरूर की, मगर साथ ही कहा कि इस बारे में फैसला हाईकमान को लेना है। ऐसे में यहां पर रायजादा के अलावा अन्य विकल्पों का विचार होने की ओर भी इंगित किया। गौरतलब है कि सतपाल रायजादा   विधानसभा के चुनाव में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती को हरा चुके हैं। उनको मुख्यमंत्री  सुखविंद्र सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है। 
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