लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र के तोद, मयाड, चंद्रा वैली के करीब 40 फीसदी मतदान केंद्रों में न्यूनतम पारा शून्य से नीचे चल रहा है। ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर बर्फबारी का दौर जारी है।
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बर्फबारी और खराब मौसम की स्थिति में विधानसभा चुनाव संपन्न करवाने के लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार को तांदी डाइट हेलीपैड से भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर से 40 ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को स्पीति के काजा हेलीपैड में पहुंचाया है। मतदान के बीच बर्फबारी की संभावना को देखते हुए चुनाव आयोग ने एनडीआएफ, आईटीबीपी, बीआरओ और लोक निर्माण विभाग को अलर्ट पर रखा है।
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लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र के तोद, मयाड, चंद्रा वैली के करीब 40 फीसदी मतदान केंद्रों में न्यूनतम पारा शून्य से नीचे चल रहा है। ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सात नवंबर तक घाटी में बर्फबारी का पूर्वानुमान लगाया है। स्पीति उपमंडल में 29 मतदान केंद्र हैं। लिहाजा 11 ईवीएम और वीवीपैट को आरक्षित रखा जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त सुमित खिमटा ने कहा कि चुनाव आयोग हर मौसम में मतदान करवाने के लिए तैयार है।
भारतीय वायु सेना के एम-17 हेलिकॉप्टर की मदद से विपरीत हालात से निपटा जाएगा। बर्फबारी में कर्मियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने और वापस लाने के लिए फोर वाई फोर वाहनों को तैयार रखा है। लाहौल-स्पीति में इस बार 24,808 मतदाता 92 मतदान केंद्रों में मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। स्पीति में 29, जबकि लाहौल में 63 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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भुंतर में होगी मतों की गणना
लाहौल-स्पीति की विकट परिस्थितियों को देखते हुए इस बार भी मतों की गणना कुल्लू के भुंतर स्थित जनजातीय भवन में होगी। बर्फबारी के बीच घाटी में पारा माइनस 10 डिग्री से नीचे लुढ़क जाता है। इससे ईवीएम में तकनीकी खराबी आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में चुनाव आयोग ने लाहौल-स्पीति विधानसभा चुनाव की मतगणना प्रक्रिया भुंतर स्थित जनजातीय भवन में करने का निर्णय लिया है।