सात करोड़ रुपये से खरीदा गया है हेलिकाप्टर
आरोप है कि दुबई की कंपनी ने मई में 7 करोड़ रुपये की कीमत का एक हेलिकाप्टर (रॉबिन्सन 66) खरीदा। इसके लिए उसने कथित तौर पर हांगकांग की एक अज्ञात कंपनी से बिना किसी गारंटी वाला लोन लिया था। यह हेलिकॉप्टर हिमाचल प्रदेश के नाल्देहरा में स्थित ऑरमह वैली आवासीय परियोजना के लिए भारत लाया गया।
29 करोड़ रुपये की राशि नकद में ली गई
आरोप है कि यह भी पाया गया कि नालदेहरा आवासीय परियोजना के फ्लैटों के लिए करीब 29 करोड़ रुपये की राशि नकद में हासिल की गई थी। ये पैसा हवाला नेटवर्क और दूसरे चैनलों के जरिये विदेश भेजा जाता था। बाद में इन्हीं पैसों से विदेशों में संपत्ति खरीदी जाती थीं या फिर घुमा-फिराकर भारत में वापस लाया जाता था। ईडी ने कहा कि प्रमोटर थाईलैंड के कोह समुई में 16 करोड़ रुपये की कीमत वाले विला के मालिक हैं।
बड़ी मात्रा में नकदी भी की गई है जब्त
एजेंसी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान 50 लाख रुपये भारतीय मुद्रा (जिसमें 50,000 रुपये पुराने 500 रुपये के नोटों में शामिल हैं) और 14,700 अमेरिकी डॉलर विदेशी मुद्रा जब्त की गई। साथ ही तलाशी के दौरान मनविंदर, उनकी पत्नी और इंपीरियल ग्रुप से संबंधित रिकॉर्ड जब्त करने के अलावा तीन लॉकर भी सील किए गए हैं।