प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75वें स्थापना दिवस पर हिमाचल प्रदेश की जनता को बधाई दी है। हिमाचल दिवस पर वीडियो जारी कर पीएम ने राज्य के मेहनतकश लोगों की तारीफ की। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों को भी सराहा। कहा कि केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को सीएम जयराम और उनकी पूरी टीम ने बहुत विस्तार दिया है। सामाजिक सुरक्षा के मामले में प्रशंसनीय काम हो रहा है।
कहा कि सौभाग्य से भी प्रकृति के अनमोल उपहार, मानवीय सामर्थ की पराकाष्ठा और पत्थर को चीरकर अपना भाग्य बनाने वाले हिमाचलियों के बीच रहने और उनके दर्शन करने का बार-बार अवसर मिला है। यह सुखद संयोग है कि देश की आजादी के 75वें वर्ष में हिमाचल प्रदेश भी अपना 75वां स्थापना दिवस मना रहा है। हिमाचल के लिए पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी लिखा था, बर्फ ढकी पर्वत मालाएं, नदियां-झरने-जंगल किन्नरियों का देश, देवता डोले पल-पल।
वर्ष 1948 में जब हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ था, तब पहाड़ जितनी चुनौतियां सामने थीं। छोटा पहाड़ी प्रदेश होने के कारण मुश्किल परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण भूगोल के चलते संभावनाओं के बजाय आशंकाएं अधिक थीं, लेकिन हिमाचल के मेहनतकश, ईमानदार और कर्मठ लोगों ने चुनौती को अवसर में बदल दिया। कहा कि डबल इंजन की सरकार ने ग्रामीण सड़कों, हाईवे के चौड़ीकरण और रेल नेटवर्क के विस्तार का बीड़ा उठाया।
इस साल के बजट में घोषित बाइब्रेंट विलेज स्कीम और पर्वतमाला योजना से भी हिमाचल को बहुत लाभ होगा। हिमाचल की हरियाली का विस्तार करना है। जंगलों को अधिक समृद्ध करना है। शौचालयों को लेकर हुआ बेहतरीन काम अब स्वच्छता के दूसरे पैमानों को भी प्रोत्साहित करे, इसके लिए जनभागीदारी को और बढ़ाना होगा। मोदी ने कहा कि ईमानदार नेतृत्व, शांतिप्रिय वातावरण, देवी-देवताओं का आशीर्वाद और परिश्रम की पराकाष्ठा करने वाले हिमाचल के लोग सभी अतुलनीय हैं।
प्रधानमंत्री ने दिया 25 वर्षों का विजन
पीएम ने कहा कि हिमाचल में स्वास्थ्य सुविधाएं जिस प्रकार सुधारी जा रही हैं, उसका परिणाम कोरोना के तेज टीकाकरण के रूप में दिखा है। हिमाचल में जितनी संभावनाएं हैं, उन्हें सामने लाने के लिए हमें अब तेजी से काम करना है। आने वाले 25 वर्ष में हिमाचल की स्थापना और देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। ये हमारे लिए नए संकल्पों का अमृतकाल है। इस कालखंड में हमें हिमाचल को टूरिज्म, उच्च शिक्षा, रिसर्च, आईटी, बायोटेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग और नेचुरल फार्मिंग जैसे क्षेत्रों में और तेजी से आगे ले जाना है।