फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम वीरभद्र का बाली पर तंज, कहा-चाहता हूं जल्द बन जाएं राजा

Sat, 19 Aug 2017 12:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेश प्रभारी सुशील शिंदे के सामने परिवहन मंत्री जीएस बाली के ‘राजा से रंक बनते देर नहीं लगती’ ब्यान पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने ही लहजे में पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मैं खुद चाहता हूं कि बाली जल्द राजा नहीं बल्कि महाराजा बन जाएं।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक निखिल राजौर की ओर से मंच से लगाए आरोपों का भी करारा जवाब दिया। सीएम ने कहा कि निखिल राजौर झूठ बोल रहे हैं। मैं उन पर मानहानि का केस करूंगा। 

धर्मशाला से मंडी रवाना होने से पहले पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजौर की माता सरला शर्मा पार्टी की कद्दावर नेता थीं।

मैंने इस परिवार का हमेशा आदर किया है। कभी इस परिवार से अनबन नहीं रही। बीते चुनाव में मैंने खुद निखिल राजौर को जिताने के लिए मेहनत की। लेकिन, राजौर उभर नहीं पाए तो यह मेरा कसूर नहीं है।
विज्ञापन


जनता का काम करते तो वह आगे आ सकते थे। गौरतलब है कि पूर्व विधायक ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2012 के विस चुनाव में वीरभद्र सिंह ने उन्हें एक निर्दलीय प्रत्याशी का साथ देने की बात कही थी।
Trending Videos

एसटी आयोग की जांच लगती है राजनीतिक: सीएम

धर्मशाला में गद्दी समुदाय के लोगों पर कथित लाठीचार्ज की जांच करने के लिए दिल्ली से पहुंची एसटी आयोग की टीम पर सीएम ने कहा कि उनके समक्ष गलत तस्वीर पेश की गई। नड्डी में प्रदर्शनकारियों को सड़क पर न तो रोकने की कोशिश की गई न ही उनपर कोई लाठीचार्ज हुआ है।

अब उनके सिर कहां फटे, यह मैं नहीं जानता हूं। एसटी कमीशन की जांच में सरकार पूरा सहयोग करेगी। लेकिन, भाजपा एसटी मोर्चा के वाइस चेयरमैन त्रिलोक कपूर हैं।

वह ही हल्ला मचाकर आयोग को यहां लाए हैं। यह जांच राजनीतिक लगती है। आयोग पूरे भारत का है। हमें उम्मीद है सच्चाई सामने आएगी। एक सवाल के जवाब में वीरभद्र सिंह ने खुद को 84 साल का नौजवान बताया। उन्होंने कहा कि आदमी दिमाग से बूढ़ा होता है

हाईकमान तय करेगा सीएम पद का उम्मीदवार: शिंदे

हिमाचल कांग्रेस प्रभारी सुशील शिंदे ने एक बार फिर कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। हालांकि, सीएम पद के उम्मीदवार का निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा।

बैजनाथ पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। सरकार और संगठन की खाई भर चुकी है। 

अब सभी इकट्ठे होकर पार्टी के लिए काम करेंगे। उन्होंने विधायक किशोरी लाल की तारीफ करते हुए कहा कि बैजनाथ की जनता खुशकिस्मत है कि उन्हें गरीब किसान परिवार से संबंध रखने वाला विधायक मिला है।

किशन कपूर असल में गद्दी नहीं: भरमौरी

वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि पूर्व मंत्री किशन कपूर की साख खो चुकी है। अपनी खोई हुई साख बचाने के लिए किशन कपूर ने जानबूझ कर नड्डी लाठीचार्ज को मुद्दा बनाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की वर्दी फाड़ दी थी। ऐसे में पुलिस के पास और चारा क्या था। इसी महीने भरमौर आकर हुल्लड़बाजी का मतलब समझाने की धमकी पर भरमौरी ने कहा कि किशन असल में गद्दी हैं ही नहीं।

आज तक उन्होंने कभी अपनी संस्कृति को प्रोत्साहन दिया क्या? वह तो गद्दी भाषा में बोलना भी शर्म समझते हैं। गद्दी समुदाय उनके साथ नहीं, बल्कि कांग्रेस के साथ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मैहतपुर में गद्दी समुदाय पर कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की थी। वह खुद सीएम के साथ वहां पर थे।

भाजपा समुुदाय के नाम पर राजनीति कर रही है। गद्दी विवाद को गोरखा समुदाय की ओर से समर्थन देने पर भरमौरी ने कहा कि जिन लोगों ने ऐसा किया, वह भाजपा से संबंधित लोग हैं। उन्होंने जिताऊ गद्दी नेताओं को कांग्रेस की ओर से टिकट देने की पैरवी भी की। बाली के पाले में चले गए पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू पर उन्होंने कहा कि राजनीति अब मौकापरस्त हो गई है।

सीएम वीरभद्र सिंह ने काकू को एमएलए बनाया था। बाली पर अपरोक्ष रूप से भरमौरी ने कहा कि जिन्हें खुद के ही जीतने के लाले हों, वह कैसे सीएम बनेंगे। सीएम बनने के लिए प्रदेश भर में जनाधार की जरूरत होती है। प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नेतृत्व बदलने को लेकर हाईकमान को कोई पत्र नहीं लिखा था। यह सब झूठ है।
विज्ञापन

जांच करने के लिए दिल्ली से धर्मशाला पहुंचा एसटी आयोग

नड्डी के पास टैंगल बोर्ड में मुख्यमंत्री के खिलाफ काले झंडे दिखाने वाले गद्दी समुदाय के प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की जांच करने के लिए शुक्रवार को दिल्ली से राष्ट्रीय एसटी आयोग की छह सदस्यीय टीम धर्मशाला पहुंच गई।

आयोग के चेयरमैन और केंद्रीय मंत्री नंद कुमार सहाय की अध्यक्षता में धर्मशाला पहुंची 6 सदस्यीय टीम दोपहर 12 बजे कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंची। सर्किट हाउस में लंच करने के लिए टीम लाठीचार्ज घटनास्थल टैंगल बोर्ड पहुंची।

यहां पर टीम ने करीब पौने घंटे तक दौरा कर घटना की सच्चाई की तह तक पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद टीम वापस सर्किट हाउस पहुंची।

यहां पर टीम ने कथित लाठीचार्ज में घायल हुए प्रदर्शनकारियों के देर शाम बयान लिए गए। आयोग की टीम में हरि कुमार दामोर, हर्षद भाई सहित अन्य सदस्य और अधिकारी शामिल रहे। टीम के साथ भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष त्रिलोक कपूर मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें