उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 5 लाख यात्री एचआरटीसी की बसों में सफर करते हैं। एचआरटीसी को 28 प्रकार की रियायतें देनी पड़ती हैं। कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां निजी ऑपरेटर बस नहीं चलाता, एचआरटीसी की बसें वहां जाती हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि एक इलेक्ट्रिक बस ट्रायल के तौर पर हिमाचल आई है। इस बस का परीक्षण 36 जगहों पर किया गया है।
अर्की, सोलन और सराहन जैसे क्षेत्रों में ट्रायल कर यह देखा जा रहा है कि बस की क्षमता, चार्जिंग और संचालन पहाड़ी इलाकों में कितना व्यावहारिक है। सिरमौर के हरिपुरधार में हुए बस हादसे पर कहा कि जांच के आदेश दिए है। हादसे में 14 लोगों की मौत हुई। ओवरलोडिंग मुख्य कारण प्रतीत हो रहा है। इसके अलावा सड़क पर पाला होने से बस के स्किड होने की संभावना भी है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 148 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 147 को ठीक किया जा चुका है। वहां क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। रोड सेफ्टी को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं और यूनियनों को भी सुझाव देने के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे।