हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को पांच और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई। इनमें कांगड़ा जिले में 77 वर्षीय बुजुर्ग व 76 वर्षीय महिला, शिमला में 51 वर्षीय व्यक्ति और 85 वर्षीय बुजुर्ग, मंडी में 85 वर्षीय बुजुर्ग ने दम तोड़ा है। उधर, प्रदेश में कोरोना के 166 नए मामले आए हैं। प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3602 पहुंच गया है। वहीं, अब तक कोरोना के 214911 मामले आ चुके हैं। इनमें से 209610 ठीक हो चुके हैं। कोरोना सक्रिय मामले 1682 रह गए हैं। इसमें से बिलासपुर जिले में 121, चंबा 90, हमीरपुर 221, कांगड़ा 355, किन्नौर 29, कुल्लू 63, लाहौल-स्पीति 33, मंडी 389, शिमला 233, सिरमौर आठ, सोलन 89 और ऊना में 51 सक्रिय मामले हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 191 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 9906 लोगों के सैंपल लिए गए।
दूसरी डोज लगाने में भी सूबे को नंबर वन बनाने का लक्ष्य
वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने में भी देश में नंबर वन आने का लक्ष्य तय किया है। जिला उपायुक्तों से इस महीने के अंत तक 25 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए कहा गया है। बुधवार को स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संपूर्ण टीकाकरण अभियान में भी हिमाचल के पहले नंबर पर आने की उम्मीद जताई है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश में 18 साल और इससे ज्यादा उम्र के 53.77 लाख लोग हैं। वैक्सीन की पहली डोज लगाने के लिए भी सरकार यह लक्ष्य लेकर चल रही थी। लक्ष्य को पार कर स्वास्थ्य विभाग ने 55 लाख 50 हजार 526 लाख लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई है।
सरकार ने नवंबर तक दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य रखा है। अब तक प्रदेश में 18 लाख 27 हजार, 277 लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। 18 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों की जनसंख्या में यह लक्षित लोग इसलिए बढ़ गए हैं, चूंकि प्रदेश में दस साल में जनसंख्या भी बढ़ गई है। बाहरी राज्यों के मजदूर और अन्य लोग भी इसमें शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रदेश मेें करीब 7 लाख वैक्सीन की डोज हैं। मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने कहा कि वैक्सीन की पहली डोज लगाने में हिमाचल देश में पहले नंबर पर आया है। दूसरी डोज लगाने का भी लक्ष्य रखा गया है। 30 नवंबर तक 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को दूसरी डोज लगा दी जाएगी। यह लक्ष्य पूरा करने में भी हिमाचल देश में पहले नंबर पर रहेगा।