कांग्रेस सरकार और संगठन के बीच चल रही तनातनी के बीच पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को नई दिल्ली तलब किया गया है। कांग्रेस आलाकमान ने सीएम वीरभद्र सिंह की पार्टी प्रदेशाध्यक्ष पद से सुखविंद्र सिंह सुक्खू को हटाने की मुहिम के बीच उन्हें बुलावा भेजा है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पार्टी की प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी की ओर से दोनों की संयुक्त बैठक ली जाएगी। माना जा रहा है कि आलाकमान कोई निर्णायक कदम उठा सकता है। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली में अहमद पटेल और अंबिका सोनी से मिलने का वक्त लिया।
उन्हें चार बजे का वक्त दिया गया था। सीएम कांग्रेस विधायक दल की ओर से हस्ताक्षरित पत्र पार्टी आलाकमान के नेताओं को थमा सकते हैं। इसके अलावा वे संगठनात्मक चुनाव नहीं करवाने और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को हटाने के मसले पर भी बात कर सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि इसी बीच पार्टी आलाकमान ने सुक्खू को भी अपनी बात रखने के लिए नई दिल्ली बुला लिया है। वीरभद्र पहले से ही नई दिल्ली में हैं और बताया जा रहा है कि सुक्खू भी नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। सुक्खू पिछले कुछ वक्त से लगातार सीएम वीरभद्र सिंह के निशाने पर हैं।
वीरभद्र उन्हें हटवाकर अपने किसी भरोसेमंद नेता को पार्टी अध्यक्ष बनाना चाह रहे हैं। टिकट तय करने में पार्टी अध्यक्ष की अहम भूमिका रहती है। इसलिए माना जा रहा है कि सीएम अपने किसी बेहद करीबी को ही इस सीट पर देखना चाहते हैं। पार्टी प्रदेश महासचिव नरेश चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष की सोमवार को केंद्रीय नेताओं के साथ संयुक्त बैठक होनी है।
मेरी पार्टी अध्यक्ष बनने में कोई रुचि नहीं: आशा कुमारी
पंजाब की कांग्रेस प्रभारी आशा कुमारी को नया कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने पर विचार होेने की चर्चा सोशल मीडिया में खूब चल रही है। मगर रविवार को आशा कुमारी ने साफ कहा कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष बनने में उनकी कोई भी दिलचस्पी नहीं है। उनका नाम यूं ही चलाया जा रहा है।
अध्यक्ष बनाने की चर्चा केवल सोशल मीडिया में: सुधीर
वीरभद्र सिंह के भरोसेमंद शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि मुझे अध्यक्ष बनाने की चर्चा केवल सोशल मीडिया में ही है। अगर कोई बदलाव होना ही होगा तो ये पार्टी आलाकमान करेगा। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। बाकी राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता है।