बिजली 25 प्रतिशत महंगी हो गई है। लेबर भी 7 प्रतिशत बढ़ी है, स्टिचिंग वायर और स्टार्च के दामों में भी दस-दस प्रतिशत का उछाल आया है, लेकिन गत्ता उद्योगों के उत्पाद के दामों में वृद्धि नहीं हुई है।
चीन में सैकड़ों पेपर मिल बंद होने से देश की पेपर मिलों ने दाम 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। यही कारण है कि पेपर मिल्स और बड़े पेपर डीलरों की मिलीभगत और उनके दाम बढ़ाने से गत्ता उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।
उद्योगपतियों का कहना है कि बीबीएन के लगभग डेढ़ सौ गत्ता उद्योगों में करीब पांच हजार लोगों को प्रत्यक्ष और दो हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि देश की सभी पेपर मिलों को निर्देश दिए जाएं कि अपने कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत से अधिक निर्यात न करें। स्थानीय गत्ता उद्योगों में कच्चे माल की भारी कमी हो गई है।