कुछ मंत्रियों के राज्य सचिवालय में लगातार नहीं बैठने से मुख्यमंत्री नाराज बताए जा रहे हैं। सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सीएम जयराम ठाकुर मंत्रियों को हिदायत दे सकते हैं। मुख्यमंत्री जब सचिवालय में बैठे होते हैं तो उस स्थिति में ही दो-तीन से ज्यादा मंत्री यहां मौजूद होते हैं।
कई बार तो यह स्थिति बनी होती है कि एक भी मंत्री सचिवालय में नहीं बैठा होता। इससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सूत्रों ने बताया कि कई लोगों ने यह शिकायत सीएम कार्यालय में की है। पहले भी सीएम मंत्रियों को इस बारे में निर्देश जारी कर चुके हैं कि वे सचिवालय में नियमित बैठें और लोगों से मिलकर उनके काम निपटाएं।
इसके अलावा जरूरी फाइलों का भी निपटारा करें। मगर स्थिति यह है कि शिमला के निकटवर्ती जिलों के मंत्री भी इस पर अमल नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि जनता को अधिक से अधिक मंत्री राज्य सचिवालय में उपलब्ध हों।
पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के रिश्तेदार को नियमों के विपरीत जमीन देने के मामले की जांच पर कैबिनेट फैसला लेगी। सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में राजस्व विभाग इस मामले को ला रहा है। प्रदेश सरकार बीते सप्ताह से इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है।
बताया जा रहा है कि चाय बागान का चेंज ऑफ लैंड यूज नहीं हो सकता है लेकिन चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए पूर्व सरकार में नियमों को ताक पर रखकर ऐसा किया गया है। यह जमीन जिला कांगड़ा की शाहपुर तहसील में है। आरोप है कि नियम दरकिनार कर रिकॉर्ड में जमीन की किस्म ही बदल दी गई है।
77.30 हेक्टेयर इस जमीन के एक भाग में अब होटल है। सूत्र बताते हैं कि इसे बनाने के लिए न तो प्रशासन और न ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से मंजूरी ली गई। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के छह महीने बाद अब भाजपा सरकार ने इस मामले की फ ाइल खोल दी है। सचिवालय स्तर पर बड़े अधिकारी इसकी छानबीन कर रहे हैं।