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Himachal Cabinet: चुनावी साल में सेब का समर्थन मूल्य एक रुपये बढ़ाया, नाराज बागवान करेंगे आंदोलन

Thu, 14 Jul 2022 07:08 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मंडी मध्यस्थता योजना के तहत लगभग 1,44,936 मीट्रिक टन सेब की खरीद 10.50 रुपये प्रति किलो की दर से और 2.75 रुपये प्रति किलो हैंडलिंग शुल्क के साथ की जाएगी।
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हिमाचल कैबिनेट की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में वीरवार को हुई कैबिनेट बैठक में सेब, आम और नींबू प्रजाति के फलों पर खरीद मूल्य एक रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाने का फैसला लिया गया। कैबिनेट ने वर्ष 2022 के लिए सेब, आम और नींबू प्रजाति के फल जैसे किन्नू, माल्टा, संतरा, गलगल आदि की खरीद के लिए मंडी मध्यस्थता योजना के विस्तार को मंजूरी देने के साथ गत वर्ष की तुलना में खरीद में एक रुपये प्रति किलोग्राम वृद्धि करने की भी मंजूरी दी है।

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इसके तहत आम की सभी किस्मों के लिए 250 मीट्रिक सीडलिंग, 500 मीट्रिक टन ग्राफटेड और 500 मीट्रिक टन आचारी आम 10.50 रुपये की दर से खरीदेंगे। इन्हें हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम लिमिटेड (एचपीएमसी) और हिमफेड के माध्यम से 1.30 रुपये प्रति किलो हैंडलिंग शुल्क की दर से खरीदा जाएगा। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत लगभग 1,44,936 मीट्रिक टन सेब की खरीद 10.50 रुपये प्रति किलो की दर से और 2.75 रुपये प्रति किलो हैंडलिंग शुल्क के साथ की जाएगी।

500 मीट्रिक टन किन्नू, माल्टा, संतरा बी ग्रेड 9.50 रुपये की दर से, सी ग्रेड नौ रुपये प्रति किलो की दर से और 100 मीट्रिक टन गलगल आठ रुपये प्रति किलो की दर से खरीदेंगे। नींबू प्रजाति के फलों के लिए हैंडलिंग चार्ज 2.65 रुपये प्रति किलो और गलगल के लिए एक रुपये प्रति किलो तय किए गए हैं। फल उत्पादकों की मांग के अनुरूप 305 खरीद केंद्र खोले जाएंगे, जिनमें से 169 केंद्र एचपीएमसी और 136 संग्रह केंद्र हिमफेड की ओर से खोले और संचालित होंगे।
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बागवान करेंगे आंदोलन
सरकार के इस फैसले से बागवान नाराज हो गए हैं और आंदोलन करने की चेतावनी दी है। संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक रूपये बढ़ाकर ऊंट के मुंह में जीरा दिया है। बागवान सालों से कश्मीर की तर्ज पर समर्थन मूल्य मांग रहे हैं। लेकिन सरकार ने आज तक मांगों पर कोई सुनवाई नहीं की। 20 जुलाई से संयुक्त किसान मंच प्रदेश में आंदोलन करेगा। प्रदेशभर में उपमंडल स्तर पर सरकार के खिलाफ धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे। 

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