कांग्रेस का गढ़ रहे नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में राकेश पठानिया ने 1996 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में उपचुनाव लड़ा और कांग्रेस को कड़ी चुनौती दी। उपचुनाव में राकेश पठानिया एक हजार मतों से हार गए थे। खास बात यह है कि उस समय नरेंद्र मोदी प्रदेश भाजपा के प्रभारी थे और उन्होंने ही पठानिया को चुनाव मैदान में उतारा था। वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव में पठानिया ने पहली बार नूरपुर में भगवा लहराया।
तत्कालीन धूमल सरकार में पठानिया पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष भी रहे थे। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक बनने वाले राकेश पठानिया का जन्म 15 नवंबर 1964 को नूरपुर के लदौड़ी गांव में हुआ है। इन्होंने 1991 में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। पठानिया जिला भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष, किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव और प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके हैं।